दिल्ली: महाकुंभ के आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था को बूस्ट अप मिलेगा. महाकुंभ के आयोजन से उत्तरप्रदेश 2 लाख करोड़ की रेवेन्यू में डुबकी लगा सकता है. 45 दिन के आयोजन की भव्यता को इस बात से समझ सकते है.
ये एक ऐसा आयोजन होगा जिसमें पूरे विश्व के किसी एक हिस्से में सबसे ज्यादा लोग जमा होंगे. CII की एक रिपोर्ट के अनुसार 2013 में कुंभ के आयोजन से 12 हजार करोड़ तो 2019 में 1.2 लाख करोड़ का रेवेन्यू का आकलन किया गया था.
वहीं 2019 में 6 लाख लोगों को कुंभ के माध्यम से रोजगार मिला था. इस बार विभिन्य सेक्टर के माध्यम से रेवेन्यू का आकलन किया जा रहा है. रेवेन्यू व्यापार द्वारा अनुमानित 17,310 करोड़ मिल्क और डेयरी उत्पाद द्वार अनुमानित 4,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है.
ग्रॉसरी उत्पादकों से 4,000 करोड़, हॉस्पिटैलिटी से 2500 करोड़, सब्जियों से 2000 करोड़, एडिबल ऑयल से 1000 करोड़, इसके साथ अन्य सेक्टर से भी रेवेन्यू मिलने की भी पूरी उम्मीद है.






