Home » राजस्थान » जयपुर के MNIT में छठी मंजिल से कूदी छात्रा,मौत:सुसाइड नोट में लिखा-गलती मेरी, जी नहीं सकती; सबसे ज्यादा खुश बचपन में थी या नींद में

जयपुर के MNIT में छठी मंजिल से कूदी छात्रा,मौत:सुसाइड नोट में लिखा-गलती मेरी, जी नहीं सकती; सबसे ज्यादा खुश बचपन में थी या नींद में

जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) की स्टूडेंट ने हॉस्टल की छत से कूदकर सुसाइड कर लिया। घटना रविवार रात 9:50 बजे की है। शव के पास सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा है- ‘गलती मेरी ही है। मैं ही इस दुनिया में नहीं जी सकती। सबसे ज्यादा खुश मैं या तो बचपन में या नींद में थी।’

ACP (मालवीय नगर) आदित्य पूनिया का कहना है- पाली के देसूरी निवासी दिव्या राज मेघवाल (21) ने हॉस्टल की छठी मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड किया है। वह एमएनआईटी में बी. आर्क. (आर्किटेक्चर) फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। उसके पास मिले सुसाइड नोट की जांच कर रहे हैं। मालवीय नगर थाना पुलिस ने शव को जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्चुरी में रखवाया है।

दिव्या MNIT कैंपस में बने विनोदिनी हॉस्टल की चौथी मंजिल पर रहती थी।
दिव्या MNIT कैंपस में बने विनोदिनी हॉस्टल की चौथी मंजिल पर रहती थी।

धमाके की आवाज सुनकर छात्राएं कमरों से बाहर आईं

दिव्या ने जुलाई-2024 में MNIT में एडमिशन लिया था। वह कैंपस में बने विनोदिनी हॉस्टल की चौथी मंजिल पर बने रूम में अकेली रहती थी। रात करीब 9:50 बजे दिव्या ने बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगा दी।

तेज धमाके की आवाज सुनकर हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं अपने-अपने रूम से बाहर निकल आईं। उन्होंने देखा कि जमीन पर दिव्या पड़ी है।

हॉस्टल स्टाफ ने तुरंत कॉलेज प्रशासन और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दिव्या को जयपुरिया हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।

दिव्या ने हॉस्टल की बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगाने से पहले अपनी चप्पल उतारी थी और रेलिंग से कूद गई।
दिव्या ने हॉस्टल की बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगाने से पहले अपनी चप्पल उतारी थी और रेलिंग से कूद गई।

स्टूडेंट्स और स्टाफ से कर रहे पूछताछ

मालवीय नगर SHO संग्राम सिंह ने बताया- पुलिस आसपास मौजूद रहे स्टूडेंट्स और स्टाफ से पूछताछ कर रही है। दिव्या के कमरे की तलाशी भी ली है।

मोबाइल फोन की जांच करवा रहे हैं ताकि पता चल सके कि उसकी आखिरी बार किससे बात हुई है। पुलिस ने सोमवार सुबह FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए।

दिव्या के पिता खंगाराम मेघवाल पूर्व सरपंच हैं। मां सरकारी टीचर है। दिव्या ने सुसाइड नोट में बहन काे संबाेधित करते हुए लिखा था- ‘मुझे माफ कर देना’।

सुसाइड नोट में लिखा… गलती मेरी ही है। मैं ही इस दुनिया में नहीं जी सकती। लोग हैं यहां मेरी बातें सुनने को। मैं बस बात नहीं कर सकती। सबसे ज्यादा खुश मैं या तो बचपन में या नींद में थी। अब बचपन तो वापस आ नहीं सकता। तो मैं हमेशा की नींद में जा रही हूं। मौत के बाद क्या होता है? नहीं पता। पर शायद शांति तो होती होगी। आज अपनी जिंदगी का सौदा उस शायद के नाम। निशा हो सके तो माफ कर देना। मम्मी-पापा और निशा एक दूसरे का ख्याल रखना। निशा का ख्याल रखना।

दिव्या ने सुसाइड नोट पर सबसे ऊपर अपने लैपटॉप का पासवर्ड भी लिखा।
दिव्या ने सुसाइड नोट पर सबसे ऊपर अपने लैपटॉप का पासवर्ड भी लिखा।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS