जयपुर में बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर 50 लाख के गहने लूटने वाली नौकरानी ने पहले दिन से ही साजिश रच ली थी। नेपाल की सावित्री को 10 दिन पहले ही देवी पथ की रहने वाली मंजू कोठारी (75) ने 10 हजार महीना तनख्वाह पर रखा था।
तब वह एक व्यक्ति को अपना चाचा बताकर साथ लाई थी। उसे भी नौकरी पर रखने को कहा था। लेकिन जरूरत नहीं होने पर बुजुर्ग महिला ने मना कर दिया था।
ऐसे में आशंका है महिला लुटेरों को किसी बहाने से नौकरी लगवाकर बड़ी लूट के इरादे से आई थी। वह रविवार (19 जनवरी) को ही बुजुर्ग महिला को लूटना चाहती थी।
बेहोश करने के लिए दूध में नशे की गोलियां घोलकर लाई थी। लेकिन महिला ने दूध पीने से मना कर दिया था। लेकिन 20 जनवरी की रात को नौकरानी इसमें कामयाब रही।
वारदात के दौरान क्या कुछ और हुआ, इसकी जानकारी करने के लिए भास्कर टीम मौके पर पहुंची।

एक व्यक्ति को लेकर आई थी, चाचा बताया था
वारदात का शिकार हुई महिला मंजू के भतीजे अनिल ने बताया कि नौकरानी सावित्री को घर आए महज 10 दिन हुए थे। सावित्री पास ही एक होटल में मैनेजर अमित के पास काम मांगने के लिए पहुंची थी। अमित, मंजू कोठारी परिवार को जानता है। मंजू ने भी एक नौकरानी की जरूरत होने का कह रखा था।
ऐसे में उसने सावित्री को मंजू के घर भेजा था। आरोपी ने अपने एक और साथी को चाचा बताकर काम पर रखवाने की कोशिश की थी। मना करने पर सावित्री ने ये भी कहा था कि घर पर काम की जरूरत नहीं है तो फॉर्म हाउस पर चाचा को काम पर रख लो।

लेकिन मंजू ने इनकार कर दिया कि उन्हें और नौकर या गार्ड की जरूरत नहीं है। क्योंकि पहले से घर में यूपी निवासी संदीप और पश्चिम बंगाल निवासी प्रतिमा काम कर रहे थे। सावित्री अमित के पास भी एक अन्य नेपाली व्यक्ति के जरिए पहुंची थी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले रखा है और पूछताछ में जुटी है। परिवार को शक है कि लूट में वही लोग शामिल हैं, जिन्हें सावित्री अपना रिश्तेदार बताकर नौकरी पर रखवाना चाहती थी। यह उसकी बड़ी साजिश का हिस्सा था।
दिन में 5-6 घंटे फोन पर बात करती थी नौकरानी
सावित्री 10 हजार रुपए में 24 घंटे काम को आसानी से तैयार हो गई थी। इस दौरान उससे आधार कार्ड मांगा गया तो वह बार-बार बहाने लगती। कहती थी कि उसका भाई बाहर गया है। उसका आधार कार्ड उसके पास है। कभी कहती कि आधार कार्ड चाचा के पास रखा है, वो आएंगे तो ले आएंगे।
बातचीत में सामने आया कि सावित्री 5-6 घंटे तक फोन पर किसी से बात करती रहती थी। अब ये माना जा रहा है कि वह अपने साथियों को मंजू और उसके रूटीन के बारे में जानकारी देती थी। ताकि लूट को लेकर प्लानिंग तैयार की जा सके। नौकरानी सावित्री आई तो घर पर काम करने के लिए थी लेकिन हाई प्रोफाइल तरीके से रहती थी। कुछ दिन पहले ही वह बुजुर्ग महिला के साथ ही एक धार्मिक कार्यक्रम में भी साथ गई थी।

रविवार को थी लूट की प्लानिंग, दूध में मिलाया नशीला पदार्थ
अनिल ने बताया कि उनकी ताई मंजू को दूध पिलाने की जिम्मेदारी घर में काम करने वाली पुरानी नौकरानी प्रतिमा के पास थी। रविवार रात को उसने जैसे ही दूध तैयार किया, सावित्री किचन में पहुंची। आगे बढ़कर दूध का गिलास पकड़ा और खुद देने के लिए गई। लेकिन उस रात ताई मंजू ने दूध नहीं पिया। ऐसे में उसकी पूरी प्लानिंग फेल हो गई।
सोमवार रात को फिर से पुरानी नौकरानी ने दूध बनाया। लेकिन उसे सर्व करने के लिए सावित्री लेकर गई। इस दौरान उसने दूध में नशीली गोलियां घोलकर मिला दी, ताकि मंजू बेहोश हो जाए। मंजू दूध पीने के बाद अचेत होकर सो गई। इसके बाद निगरानी के लिए सावित्री वहीं जमीन पर ही सो गई थी। मंजू को नींद आने के बाद उसने अपने साथियों को अंदर एंट्री करवाई।

नौकर का गला दबाने की कोशिश, कॉलोनी में पीछे के रास्ते से आए
जिस कॉलोनी में ये वारदात हुई उसकी एक ही एंट्री पर गेट लगा हुए है। वहां गार्ड भी नहीं रहता। ऐसे में बदमाश कॉलोनी के पीछे वाले रास्ते से ही दाखिल हुए। बदमाशों ने लूट को अंजाम देने से पहले मकान के बिल्कुल सामने लगे सीसीटीवी की डायरेक्शन चेंज की। मकान के सामने खंभे पर दो सीसीटीवी लगे हैं। जिनमें एक कैमरे का डायरेक्शन दूसरे मकान की तरफ तो एक का कॉलोनी की सड़क की तरफ था। लेकिन लुटेरों ने रोड वाले कैमरे को नीचे की तरफ कर दिया।

अब मकान के अंदर घुसने के बाद बाहर सो रहे नौकर का गला दबाने की कोशिश की। नौकर संदीप ने बचने की कोशिश की जिसमें उसके गले पर चोट के निशान भी आए। इसके बाद उसके साथ मारपीट की। नौकर संदीप और महिला नौकर प्रतिमा को बंधक बनाया। फिर बुजुर्ग महिला को बांधा। इसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया।
नौकरी पर आते ही लूट की प्लानिंग या ढूंढ रहे थे शिकार
मामले में वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस की कई टीम में लगी हुई हैं। पुलिस लूट की इस वारदात में 2 थ्योरी पर काम कर रही है।
पहली : नौकरानी सावित्री और उसके साथी जयपुर में किसी बड़े घर में लूट की प्लानिंग के साथ ही आए थे। नौकरी के बहाने वो किसी बड़े घर की तलाश में थे। महिला होने के चलते सावित्री को काम आसानी से मिल जाता, लोग भरोसा कर लेते। ऐसे ही काम तलाशते हुए वे मंजू के घर तक पहुंच गए होंगे।
दूसरी : सावित्री काम के लिए ही मंजू के घर तक पहुंची। यहां आकर उसे पता लगा कि मंजू काफी पैसे वाली है। परिवार के सदस्य यहां रहते नहीं हैं। रात में नौकर और नौकरानी ही घर में रहते हैं। इस दौरान उसने कैश और गहनों की जानकारी जुटाई होगी। फिर अपने साथियों को बताने के बाद लूट की प्लानिंग की होगी। नौकरानी ने अपना नाम सावित्री बताया वो भी सही है या नहीं इसे लेकर भी संशय है






