विधानसभा के 31 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों के नेताओं ने सदन में हंगामा नहीं करने पर सहमति जताई। विपक्ष ने राज्यपाल का अभिभाषण शांति से सुनने और हंगामा नहीं करने का वादा किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अभिभाषण पर हंगामा नहीं करने का भरोसा दिलाया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि सदन में अपनी बात रखने के लिए पक्ष और प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों की भावना एक समान ही होती है। राज्य सरकार विधायकों की बातों को गंभीरता से लेगी। स्वस्थ आलोचनाओं से काम में नई गति आती है।
विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदन की समितियों की रिपोर्ट पर बहस कराने का सुझाव दिया गया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अफसर गैलरी में संबंधित विभागों के अफसरों की हर वक्त मौजूद रहने की व्यवस्था लागू करने और पर्ची के जरिए उठाए जाने वाले मुद्दों पर मंत्रियों के जवाब की व्यवस्था फिर से शुरू करने का भी सुझाव दिया गया।
स्पीकर की नसीहत, वैल में नहीं आएं विधायक
बैठक में विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधायक सदन में मर्यादित व्यवहार करें और वैल में नहीं आएं। सभी विधायकों को नियमों के अनुसार बोलने का मौका मिलेगा। विधान सभा का सदन अधिक से अधिक दिन चले इसके लिए सभी दलों को सकारात्मक सोच रखनी होगी। सभी दलों को बहस के लिए नियमानुसार समय आवंटित किया जाएगा। दोनों पक्षों के मुख्य सचेतक को विधान सभा सदन की समय सीमा के अनुसार ही आसन को बोलने वाले सदस्यों की सूची देनी होगी। समय सीमा में ही अपनी बात रखनी होगी। यह दलों के नेताओं कि जिम्मेदारी होगी कि विधायक तय समय में ही बात रखें। सोलहवीं विधान सभा का सदन नए कलेवर में तैयार हो गया है। सदन को वन-नेशन-वन एप्लिकेशन के तहत विधायकों की टेबलों पर टैब लगाकर तैयार कर दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष बोले- सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष की भी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विपक्ष सदन संचालन में सहयोग करेगा। प्रतिपक्ष के विधायक सदन में मर्यादापूर्ण व्यवहार से अपनी बात रखेंगे। सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष के साथ सरकार की भी है।






