रीट और पटवारी परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करवाने वाले सरगना पौरव कालेर ने हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में भी चीटिंग करवाई थी। इस मामले में एसओजी ने 9 जूनियर असिस्टेंट और एलडीसी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पौरव ने इन्हें ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करवाई थी। ये ब्लूटूथ डिवाइस उसने विदेश से मंगवाई थी।
एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बुधवार को बताया- एसओजी ने जालोर, भीलवाड़ा, पाली, उदयपुर, नागौर, बीकानेर, चूरू, सीकर और ब्यावर में 9 कर्मचारियों गिरफ्तार किया। इनमें द्रोपदी सिहाग, सुनीता, उमेश तंवर, सुमन भुखर, बीरबल, सुरेश, राकेश कस्वा, विभीषण और रामलाल शामिल हैं। इन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

गिरफ्तार किए गए 9 कर्मचारियों में से द्रोपदी सिहाग कनिष्ठ सहायक न्यायिक मजिस्ट्रेट बाली (पाली) में पोस्टेड है। सुनीता एसीजेएम कोर्ट सरदारशहर (चूरू), उमेश तंवर जेएम कोर्ट सुजानगढ़ (चूरू), सुरेश न्यायिक मजिस्ट्रेट दक्षिण उदयपुर में पदस्थापित है। राकेश कस्वा सीजेएम कोर्ट उदयपुर और रामलाल एसीजेएम कोर्ट गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) में पोस्टेड है।
जेल में बंद पौरव से पूछताछ में हुआ खुलासा एडीजी एसओजी वीके सिंह ने बताया- अधिशासी अधिकारी (EO) और राजस्व अधिकारी (RO) भर्ती परीक्षा 2022 की जांच के दौरान एसओजी ने कई गिरफ्तारियां की। गिरफ्तार आरोपी पौरव कालेर ने एसओजी को पूछताछ में बताया कि उसकी गैंग ने हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर ब्लूटूथ के इस्तेमाल से कई परीक्षा केंद्रों के परीक्षार्थियों को सॉल्व करवाया था।
इस पर एसओजी की टीम ने पौरव को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की। एडिशनल एसपी हरिप्रसाद सोमानी के निर्देशन में बनी टीम ने पूछताछ की तो सामने आया कि 26 परीक्षार्थियों ने ब्लूटूथ का उपयोग कर परीक्षा पास की। इसके अलावा 18 से ज्यादा परीक्षार्थी संदेह के दायरे में हैं।

दो साल पहले हुई थी परीक्षा हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 साल 2023 में 12 और 19 मार्च को दोपहर 12 से 2 बजे तक हुई थी। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की ओर से आयोजित परीक्षा का परिणाम 11 जून 2023 को जारी किया गया था। यह परीक्षा 2800 से ज्यादा पदों के लिए आयोजित की गई थी।
पटवारी भर्ती परीक्षा में भी पौरव का नाम आया था सामने पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में नकल गैंग चलाने वाले पौरव का नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पौरव के चाचा तुलछाराम कालेर और पत्नी भावना गोस्वामी को REET में ब्लूटूथ लगी चप्पल से नकल के मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पौरव ने बताया था कि वह राजाराम बिश्नोई के साथ मिलकर यह काम करता था। अभ्यर्थी राजाराम बिश्नोई भर्ती परीक्षाओं में कैंडिडेट्स की लिस्ट जुटाकर उनमें से नकल के इच्छुक युवाओं को ढूंढता था। पौरव को नकल करवाने का सौदा 5 से 7 लाख रुपए में तय करता था।
राजाराम नकल गिरोह संचालन करने की जानकारियां पौरव से लेता था। इस नकल गिरोह का एक सक्रिय सदस्य बाबूलाल मूण्ड परीक्षार्थियों को चिह्नित करता था और नकल गिरोह सरगना पौरव से अभ्यर्थी को मिलवा देता था। पेपर का सौदा बड़ी रकम में तय करते और परीक्षा से दो दिन पहले अपने गुप्त स्थान पर बुलाकर ट्रेनिंग देते थे। इस दौरान बताते थे कि इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग कैसे करना है?






