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महाकुंभ भगदड़ पर भावुक हुए योगी:कहा- 30 मौतों की जांच न्यायिक आयोग करेगा; मृतकों के परिजन को 25-25 लाख का मुआवजा

सीएम योगी ने महाकुंभ भगदड़ पर प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान वह काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि 30 के आस-पास मौतें हुई हैं। मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदना सभी मृतकों के परिजन के साथ है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की। न्यायिक जांच के आदेश भी दिए।

योगी ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच के लिए हमने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जिसमें जस्टिस हर्ष कुमार, पूर्व डीजी वीके गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस डीके सिंह की अध्यक्षता में आयोग बनाया गया है। न्यायिक आयोग एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इस संबंध में मुख्य सचिव और डीजीपी खुद प्रयागराज का दौरा करेंगे।

योगी ने कहा- महाकुंभ में भगदड़ की घटना हृदय विदारक है।
योगी ने कहा- महाकुंभ में भगदड़ की घटना हृदय विदारक है।

योगी बोले- भीड़ के बैरिकेडिंग तोड़ने से घटना हुई

योगी ने कहा 36 घायलों का इलाज प्रयागराज के अस्पताल में चल रहा है। भगदड़ की घटना इसलिए हुई क्योंकि भीड़ ने अखाड़ा मार्ग की बैरिकेडिंग तोड़ दी थी। पुलिस, एनडीआरएफ और बचाव दलों ने घायलों को अस्पताल भेजा। प्रशासन सभी बंद मार्गों को खुलवाने में तत्परता से लगा रहा।

मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान करने के लिए कल शाम 7 बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज में एकत्र हुए थे। अखाड़ा मार्ग पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई। जिसमें 90 से अधिक लोग घायल हो गए और 30 लोगों की मौत हो गई। हमने इतने श्रद्धालुओं के आने की पर्याप्त व्यवस्था की थी। पुलिस के स्तर से इसकी अलग से जांच कराएंगे।

पहली बार इतना दबाव देखने को मिला

सीएम ने कहा कि प्रयागराज में आज 8 करोड़ लोगों का दबाव था। आस-पास के जिलों में भी लोगों को यहां आने के लिए रोका गया था। इतना भारी दबाव पहली बार देखने को मिला। मौनी अमावस्या पर मुहूर्त सुबह 4 बजे से था। प्रशासन के अनुरोध पर अखाड़ों ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया।

मिर्जापुर, भदोही और जौनपुर जिलों में होर्डिंग बनाकर श्रद्धालुओं को रोका गया। सभी अखाड़ों के स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को छोड़ा जा रहा है। रेलवे ने महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए लगभग 300 से अधिक ट्रेनें अभी तक चलाई हैं। रोडवेज प्रशासन ने 8 हजार बसों को लगाया है, जिससे लोगों को कोई दिक्कत न हो।

हादसे के बाद के हालात तस्वीरों में…

यह तस्वीर हादसे के बाद संगम नोज इलाके की है। वहां अफरा-तफरी नजर आई।
मेडिकल कॉलेज के बाहर रोते-बिलखते परिजन।
मेडिकल कॉलेज के बाहर रोते-बिलखते परिजन।
पोस्टमॉर्टम होने के बाद मेडिकल कॉलेज से शव ले जाते परिजन।
पोस्टमॉर्टम होने के बाद मेडिकल कॉलेज से शव ले जाते परिजन।
लोग लाशों के बीच अपनों को तलाशते दिखाई दिए।
लोग लाशों के बीच अपनों को तलाशते दिखाई दिए।

भगदड़ की 2 संभावित वजह

  • अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे। इस कारण संगम पर लाखों की भीड़ इकट्ठा होती चली गई। इस दौरान बैरिकेड्स में फंसकर कुछ लोग गिर गए। यह देखकर भगदड़ मच गई।
  • संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। लोग जिस रास्ते से आ रहे थे, उसी से वापस जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो भागने का मौका नहीं मिला। वे एक-दूसरे के ऊपर गिरते गए।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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