विधानसभा में आज (गुरुवार) कांग्रेस राज के जिले खत्म करने का मामला उठेगा। इस मुद्दे पर कल (बुधवार) की तरह आज भी हंगामा होने के आसार हैं। उपनेता प्रतिपक्ष और गंगाापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा और नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के जरिए जिलों का मामला उठाएंगे। इसके बाद सरकार की तरफ से जवाब आएगा।
कल स्पीकर वासुदेव देवनानी ने पहले स्थगन प्रस्ताव के जरिए जिलों का मामला उठाने की अनुमति देकर वापस ले ली थी। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल का तर्क था कि जिलों का मामला हाईकोर्ट में लंबित है, जो मामला कोर्ट में लंबित हो उसकी विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती। इस मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ, एक बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में स्पीकर ने गुरुवार को दो विधायकों को जिलों पर स्थगन के जरिए मामला उठाने और मंत्री को जवाब देने की व्यवस्था दी, इसके बाद हंगामा शांत हुआ।
सरकार विधानसभा में बताएगी क्यों खत्म किए जिले
गहलोत राज के जिले खत्म करने के मुद्दे पर सरकार की तरफ से आज पहली बार विधानसभा में जवाब आएगा। कांग्रेस विधायकों के मामला उठाने के बाद राजस्व मंत्री हेमतं मीणा जिले खत्म् करने के मुद्दे पर सरकार की तरफ से जवाब दे सकते हैं। इस दौरान गहलोत राज में बनाए गए दूदू, केकड़ी, सांचौर जैसे छोटे जिलों के मापदंड पूरे नहीं करने का तर्क दिया जाएगा। कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र होगा।






