भरतपुर सांसद संजना जाटव ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कीं। उन्होंने महाराज से कहा- व्यस्तताओं के कारण परिवार के लिए समय नहीं मिलता, क्या करूं? महाराज ने कहा- आप सांसद हैं, अब आपका परिवार 4-6 सदस्यों का नहीं है, हजारों लोग आपके परिवार में हैं।
सांसद 13 फरवरी को वृंदावन (मथुरा, उत्तर प्रदेश) पहुंची थीं। सांसद ने परिक्रमा मार्ग स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में उनके दर्शन किए और संवाद किया। उनके साथ पति कप्तान सिंह और बेटा कार्तिक (7) थे।

अब जानिए सांसद और प्रेमानंद महाराज के सवाल-जवाब…
सांसद संजना जाटव- महाराज पहले सामान्य जीवन जी रही थी, सांसद बनने के बाद जीवन ज्यादा बिजी हो गया है? प्रेमानंद महाराज – यह बहुत उत्तम बात है। पहले आप अपने परिवार को 4 से 6 लोगों में समझ रही थी। अब आपका परिवार हजारों की संख्या में है।
सांसद संजना जाटव-जनता ने मुझे सांसद के रूप में चुना। इसलिए परिवार के अलावा आमजन की सेवा के लिए तत्पर रहना पड़ता है? प्रेमानंद महाराज – ऐसी ही भावना रखिए। ऐसा नहीं कि यह मेरा परिवार है और वह दूसरे का परिवार। सांसद बनने के बाद आपका परिवार बड़ा परिवार हो गया है।
सांसद संजना जाटव-अब मैं अपने परिवार और रिश्तेदारों काे समय नहीं दे पा रही, कई बार समझ नहीं पाती कि क्या करूं। सभी कार्य कैसे करें? प्रेमानंद महाराज -इस जमीन पर जितने लोग हैं, वे हमारे परिवार के ही लोग हैं। हम अपना पराया में लग जाते हैं। यह भगवान की माया का भेद हैं। इसे मिटाओ। आपको बड़ा परिवार मिला है।

हजारों लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है प्रेमानंद महाराज ने संजना जाटव से कहा- प्रलोभन और भय का त्याग कर हजारों लोगों की सेवा का सौभाग्य इस सांसद पद से आपने प्राप्त किया है। प्रलोभन किसे कहते हैं- पैसे (अर्थ) आदि से अगर कोई हमारे सिद्धांत बदल दे, तो उसे प्रलोभन कहते हैं।
धर्म से चलना चाहिए और प्रलोभन का त्याग करना चाहिए। भय और प्रलोभन से बचकर जो पद मिला है उसे समाज सेवा में लगाइये। यह भी भगवान की पूजा ही है। आपको पद मिला ,यानी भगवान की सेवा मिली है। इसी भाव से काम करें। बीच में अगर समय मिले तो भगवान के नाम का भजन कर लेना चाहिए।

महाराज से मिलने के बाद संजना जाटव ने कहा- आज सौभाग्य का दिन है, आपके दर्शन मिले। मैं आपको देखती-सुनती हूं। राधा रानी का दिल से धन्यवाद।

राजनीतिक काम में दोनों बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाती शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने भरतपुर के कठूमर में सांसद संजना जाटव से एक सांसद के तौर पर डेली रूटीन पर सवाल किया। उन्होंने बताया- जब से सांसद बनी हूं, परिवार के लिए समय नहीं मिलता। सुबह जल्दी उठकर दोनों बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती हूं। इसके बाद घर के काम में लग जाती हूं। सुबह 9 बजे से लोग राजनीतिक काम से घर (कठूमर) पहुंचने लगते हैं।









