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फर्जी पेमेंट करने का मामला:जल जीवन मिशन में जांच के लिए तीन कमेटी, तय करेंगी 150 इंजीनियरों के खिलाफ आरोप

जल जीवन मिशन (जेजेएम) में फर्जी पेमेंट करने वाले 150 अधिकारियों के खिलाफ जांच करने व सबूत जुटाने के लिए जलदाय विभाग ने तीन कमेटियां बनाई है। यह कमेटियां डिविजन में कागजों की गहनता से पड़ताल करेगी और इंजीनियरों के खिलाफ आरोप व दोष तय करेगी। इन तीनों कमेटियों की रिपोर्ट के बाद इंजीनियरों को चार्जशीट थमाई जाएगी।

माप पुस्तिका (एमबी) में फर्जी एंट्री कर और गलत तथ्यों के आधार पर इन इंजीनियरों ने ठेकेदारों से मिलकर 55 करोड़ से ज्यादा का फर्जी पेमेंट कर दिया। चीफ इंजीनियर अजय सिंह राठौड़ की ओर से करवाई गई जांच में यह साबित हो चुका है, लेकिन राजनीतिक व ब्यूरोक्रेसी के दबाव में तीन कमेटियां बना कर चार्जशीट देने की प्रक्रिया को टालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने फर्जीवाड़ा व घोटाला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रखे है।

बिना काम ही जेईएन ने फर्जी एमबी भरी

जेजेएम के कार्यों में इंजीनियरों और ठेकेदारों ने मिलकर जमकर करोड़ों का घोटाला किया किया है। जेजेएम में हर घर नल कनेक्शन और पेयजल का ठेका लेने वाले ठेकेदारों से मिलीभगत कर जेईएन ने फील्ड में काम हुए बिना ही माप पुस्तिका (एमबी) में पाइपलाइन और टंकियों का काम दिखा दिया। ठेकेदार ने भी एमबी भरी और एईएन ने मौका निरीक्षण किए बिना ही काम के फर्जीवाड़ा को वेरिफाई कर दिया।

दो फर्मों ने करवाया फर्जीवाड़ा: जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, नीमकाथाना व कोटपूतली-बहरोड सर्किल में मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी व मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के कार्यों में अनियमित भुगतान का खुलासा हुआ है। कारण बताओ नोटिस के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को उलझाने के लिए जवाब में हजारों कागज थमा दिए। अब इन कागजों की हकीकत जांची जा रही है।

इंजीनियरों से होगी वसूली फर्जी प्रमाण पत्र के बाद मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी व मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी का काम रोक दिया है। इन दोनों फर्मों को हुए एडवांस पेमेंट की राशि अब जिम्मेदार जेईएन, एईएन व एक्सईएन के वेतन से वसूला जाएगा। चार्जशीट देने के साथ ही इंजीनियरों से वसूली शुरु होगी। विभाग की गणना में एक इंजीनियर से 10 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए की वसूली बन रही है।

ये हैं तीन कमेटियां कमेटी एक – कोटपूतली-बहरोड सर्किल में हुए फर्जी पेमेंट करने वाले इंजीनियरों के दोष तय करने के लिए अधीक्षण अभियंता केके अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। कमेटी में एक्सईएन प्रेमराज सैनी व सहायक लेखाधिकारी एसडी गुप्ता को शामिल है।

कमेटी दो – जयपुर ग्रामीण और दौसा सर्किल के फर्जीवाड़े में लिप्त इंजीनियरों पर आरोप तय करने के लिए अधीक्षण अभियंता प्रदीप गुप्ता, एक्सईएन गंगाराम मौर्य, सहायक लेखाधिकारी दीपक तिवाड़ी रिपोर्ट देंगे।

कमेटी तीन- अलवर और नीमकाथाना सर्किल में हुए फर्जी वाड़ा की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता विश्वजीत नागर, एक्सईएन केके नारंग व सहायक लेखाधिकारी ओपी जाजू को कमेटी बनाई है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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