Poola Jada
Home » राजस्थान » जयपुर में निजी वाहन किराए पर देने की पाबंदी:सेल्फ ड्राइविंग गाड़ी किराए पर देने के लिए लेना होगा लाइसेंस, अभी बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा हैं बिजनेस

जयपुर में निजी वाहन किराए पर देने की पाबंदी:सेल्फ ड्राइविंग गाड़ी किराए पर देने के लिए लेना होगा लाइसेंस, अभी बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा हैं बिजनेस

जयपुर में किराए पर गाड़ी लेकर रील बनाने, स्टंट करने और आपराधिक वारदातों में शामिल होने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस ​दिया है। पुलिस ने बिना व्यक्ति या फर्म को बिना लाइसेंस सेल्फ ड्राइविंग के लिए वाहन रेंट का बिजनेस नहीं करने के आदेश दिए हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी रेंट ए कैब स्कीम 1989 का हवाला देते हुए सोमवार को एडिशनल कमिश्नर कानून-व्यवस्था डॉ. रामेश्वर सिंह ने आदेश जारी किए है।

आदेश के बाद अब जयपुर में टैक्सी वाहनों को किराए पर देने के लिए लाइसेंस लेना होगा। इस लाइसेंस की वैधता 5 साल होगी। वैधता समाप्त होने से पहले लाइसेंस नवीनीकरण कराना होगा। इसके साथ ही जयपुर में निजी वाहनों को किराए पर देने की पाबंदी भी लगाई गई है। इन सब शर्तों का उल्ल्घंन करने पर व्यक्ति-फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

प्राइवेट नंबर में बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी गाड़ियां जयपुर व इसके आस-पास के इलाकों में इन दिनों सेल्फ ड्राइविंग कार व बाइक किराए पर देने का व्यापार जोरों पर था। इसमें प्राइवेट नंबर में बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ियां शहर से लेकर अन्य जिलों तक दौड़ रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एज्यूकेशन हब में यह धंधा इन दिनों खूब चल रहा है। जिसमें प्राइवेट नंबर की कार को रूतबा दिखाने ​के लिए या फिर आपराधिक वारदात के लिए किराए पर लेकर लोग खुद चलाकर कहीं भी ले जा रहे थे।

अब तक बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के यह बिजनेस चल रहा है। लेकिन गत दिनों हुई शहर में आप​राधिक वारदातों के बाद पुलिस ने इन पर लगाम लगाते हुए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। अब बगैर टेक्सी नंबर और लाइसेंस यह गाडिया नहीं दौड़ सकेगी। निजी नंबर की गाड़ी को किराए पर देने से राजस्व का नुकसान भी रहा था। हत्या से लेकर लूट, मादक पदार्थ परिवहन सहित कई आपराधिक वारदातों को किराए की गाड़ियों से अंजाम देने की घटनाएं भी सामने आ चुकी है।

एडि. पुलिस कमिश्नर डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया- नियमानुसार सेल्फ ड्राइविंग के लिए भी लाइसेंस लेना जरूरी है। गत दिनों जयपुर कमिश्नरेट की थार-स्कॉर्पियों जैसी गाड़ियों पर कार्रवाई की तो इनमें से अधिकतर किराए की निकली। वहीं, नाबालिग तक को पैसे के लालच में यह गाड़ियां किराए पर दे रहे है। यह किराए पर लेने वाले इस गाड़ी को खुद लापरवाही से चलाते हुए पकड़े गए है। वहीं, कई आपराधिक घटनाएं भी किराए की गाड़ियों से हुई है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

’’जयपुर पुलिस आयुक्त ने विद्याधरनगर थाने में जनसुनवाई कर परिवादियों को दी राहत’’

’’जयपुर पुलिस आयुक्त ने विद्याधरनगर थाने में जनसुनवाई कर परिवादियों को दी राहत’’ न्यूज इन राजस्थान जयपुर सुनील शर्मा जयपुर