राजस्थान में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत छह कांग्रेस विधायकों को सस्पेंड करने के बाद गतिरोध बढ़ गया है। कांग्रेस विधायकों का सदन में धरना जारी है। कांग्रेस विधायक सदन में ही रात गुजारी। सदन में धरने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने रामधुनी भी की।
विधानसभा में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी के विरोध में स्पीकर की डायस की तरफ बढ़ने वाले विधायकों पर शुक्रवार को कार्रवाई की गई थी।
शुक्रवार देर रात तक सरकार से वार्ता का दौर चला, लेकिन बात नहीं बनी थी। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने नेता प्रतिपक्ष के चेंबर में वरिष्ठ विधायकों से वार्ता की थी। पर सहमति नहीं बन पाई थी। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को सभी जिलों में प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत मंत्री का पुतला जलाएंगे।
अब 4 तस्वीरों से समझिए पूरा विवाद…




पहले जानिए- कैसे शुरू हुआ था विवाद…
मंत्री ने कहा था- आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने वैल में आकर हंगामा किया था। अविनाश गहलोत ने सवाल के जवाब में कहा था कि 2023-24 में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा था।
मंत्री की इस टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने वैल में आकर भारी हंगामा किया। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि दादी सम्मानित शब्द है। पटेल बोल रहे थे इसी दौरान हंगामा बढ़ गया। कांग्रेस विधायक स्पीकर की टेबल तक पहुंचने लगे। इसी दौरान स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को आंधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। इस मुद्दे पर बने गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई।
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा था- आज हमारे सभी मंत्री प्रश्न के प्रभावी तरीके से जवाब दे रहे थे। तथ्यात्मक जवाब दे रहे थे। पहले तो विधायक रफीक खान ने कहा कि यह जवाब सब हवा-हवाई है तो हमने एतराज किया।







