पहाड़ी पर स्थित मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे भाई-बहन पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। बचने की कोशिश में दोनों 150 फीट गहरी खाई में गिर गए, डूबने से दोनों की मौत हो गई। घटना टोंक के निवाई की शुक्रवार दोपहर 2 बजे की है। 20 घंटे बाद आज भाई-बहन के शव बाहर निकाले।
घटना के समय एक युवक वहां मौजूद था, जिसने दोनों को खाई में गिरते देखा, लेकिन डर के मारे उसने किसी को तुरंत सूचना नहीं दी। बाद में उसने पड़ोसी को बताया, जिससे पुलिस तक मामला पहुंचा।

अब 4 पॉइंट में समझिए पूरा घटनाक्रम
1. युवक ने दोनों को गिरते देखा DSP मृत्युंजय मिश्रा ने बताया- हादसा निवाई में ब्राह्मणी माता मंदिर की पहाड़ी पर हुआ। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, आजमगढ़ का रहने वाला शिवा कीर (24) अपनी बहन संजना उर्फ आरती (22) के साथ मंदिर में दर्शन करने आया था। भाई-बहन पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमले से बचने की कोशिश में दोनों असंतुलित होकर पहाड़ी से नीचे खाई में जा गिरे। वर्तमान में शिवा, निवाई में खलदेवत रोड पर पांचकुआं के पास रहता था।
2. रात 11 बजे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना के बाद शाम करीब 5 बजे तहसीलदार नरेश गुर्जर और पालिकाध्यक्ष दिलीप इसरानी मौके पर पहुंचे। पहाड़ी के नीचे खाई में भरे पानी में हाई मास्ट लाइट की मदद से सिविल डिफेंस की टीम और स्थानीय लोगों ने रात 11 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

3. बीस घंटे बाद मिले शव शनिवार सुबह स्थानीय लोगों की मदद से शवों की तलाश शुरू की गई। सुबह 9 बजे SDRF की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय युवक मुबारक अली मंसूरी ने सुबह 9:30 बजे युवती का शव बाहर निकाला। करीब 15 मिनट बाद ही युवक का शव भी बरामद कर लिया गया।
4. मां को नहीं पता था बेटी आई है युवक की मां मीरा ने बताया कि शिवा ने बहन संजना को ससुराल से कॉल कर बुलाया था। दोनों ने मंदिर दर्शन का प्लान बनाया था। शुक्रवार देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर तलाश शुरू की। दोनों का फोन भी बंद आ रहा था। बेटी के ससुराल पता किया तो वो वहां भी नहीं पहुंची थी। शिवा दो भाइयों में छोटा था और टाइल्स का काम करता था। माता-पिता मजदूर है।






