राजस्थान में आने वाले पर्यटक नाइट टूरिज्म का भी आनंद ले सकेंगे। गुलाबी नगरी हो या फिर उदयपुर, जैसलमेर, भरतपुर, बीकानेर समेत अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटकों को रात की खूबसूरती देखने का अवसर भी मिलेगा। राज्य में इससे खासी संख्या में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी।
जयपुर में नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रात के समय कल्चरल एक्टिविटी, खाने-पीने के लिए जगह, लाइटिंग सहित अन्य पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए जलमहल की पाल सहित परकोटे में जगह चिह्नित की जाएगी। राजस्थान में आने वाले पर्यटकों को इससे संस्कृति एवं कला से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार इन शहरों के बाद अन्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी नाइट टूरिज्म की शुरुआत की जा सकती है। लेकिन, राजस्थान में नाइट टूरिज्म की शुरुआत करने के लिए पर्यटन विभाग को पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां करनी पड़ेंगी। विशेष तौर पर महिलाओं और विदेशी पर्यटकों की।
पर्यटन को यूं मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि एक टूरिस्ट से 20 से 30 लोगों को रोजगार मिलता है। इसमें होटल, रेस्तरां, टैक्सी, गाइट, हैंडी क्रॉफ्ट समेत टूरिस्ट इंडस्ट्री से जुड़े अन्य व्यापारियों को लाभ मिलता है। ऐसे में नाइट टूरिज्म डवलप होने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ते हैँ।
पर्यटन सचिव रवि जैन ने बताया- राजस्थान में आने वाले पर्यटकों को जयपुर की धरोहर समेत रात के समय का सौंदर्य देखने को भी मिलेगा। इसके लिए जयपुर में कुछ जगह चिह्नित की गई है। यहां पर लाइटिंग, डांसिंग और सिंगिग जैसी प्रस्तुति पर्यटकों को देखने को मिलेगी। जलमहल की पाल समेत परकोटे में जगह देखी जाएगी। नाइट टूरिज्म के जरिए पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन विशेषज्ञ संजय ने बताया- नाइट टूरिज्म से पर्यटन उद्योग को बढावा मिलेगा। इससे पर्यटकों को अधिक समय तक रुकने का समय मिलेगा। बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढावा मिलेगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा।






