अब दूर-दराज के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों तक सफर करने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल टेली-रोबोटिक सर्जरी यूनिट के जरिए आधुनिक सर्जरी की सुविधाएं उन इलाकों तक भी पहुंचाई जा सकेंगी, जहां अभी यह संभव नहीं है। एडवांस रोबोटिक सिस्टम और सैटेलाइट कनेक्टिविटी की मदद से डॉक्टर दूर रहकर भी सर्जरी कर सकेंगे। हाई-स्पीड टेलीकम्युनिकेशन के जरिए रियल-टाइम में ऑपरेशन संभव होगा, जिससे मरीजों को तेजी से इलाज मिल सकेगा।
इस यूनिट को रोबोटिक उपकरणों को डिजाइन करने वाली कंपनी एसएसआई इनोवेशन्स ने लॉन्च किया है, जो हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है।
एसएसआई इनोवेशन्स के संस्थापक और एमडी डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया- इस यूनिट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऑपरेशन के दौरान झटकों का असर न हो और उपकरणों की स्थिरता बनी रहे। इसमें स्पेशल लॉकिंग सिस्टम और एयर सस्पेंशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे रोबोटिक उपकरणों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, पावर बैकअप और हाई-कैपेसिटी फ्यूल टैंक से यह लंबी दूरी तक सफर करने में सक्षम है।

इस यूनिट में सर्जिकल एजुकेशन, टेली-मेंटोरिंग और मरीजों के डेटा विश्लेषण की भी सुविधा है। इससे मेडिकल स्टूडेंट्स और सर्जन नई तकनीक सीख सकेंगे और दूर रहकर भी जटिल सर्जरी कर पाएंगे।
उन्होंने बताया- हमारा लक्ष्य है कि रोबोटिक सर्जरी उन मरीजों तक भी पहुंचे, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं मिल पा रही थी। यह सिर्फ एक मोबाइल यूनिट नहीं, बल्कि हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी है। इससे न सिर्फ दूर-दराज के मरीजों को फायदा होगा, बल्कि सर्जिकल एजुकेशन और टेली-मेंटोरिंग में भी मदद मिलेगी।
दूरस्थ इलाकों के मरीजों को मिलेगा लाभ
इस यूनिट में 380 लीटर का फ्यूल टैंक है, जिससे यह लंबी दूरी तय कर सकती है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड टेलीकम्युनिकेशन की मदद से दूरस्थ इलाकों में भी ऑपरेशन किया जा सकता है। इसकी विशेष एंट्री और रैंप सिस्टम से सर्जिकल उपकरणों और मेडिकल स्टाफ की मूवमेंट आसान होगी।
यह नई पहल हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में कदम है। अब उन मरीजों को भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी, जो अब तक इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने को मजबूर थे।






