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​​​​​​​​​​​​​​पेपरलीक में एग्जाम करवाने वाली कंपनी का प्रोजेक्ट मैनेजर गिरफ्तार:इंजीनियर दोस्त के साथ मिलकर 60 लाख में किया था सौदा, एक को चेन्नई से पकड़ा

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पेपर लीक के मामले में एग्जाम कराने वाली टीसीएस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जगजीत सिंह समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जेल प्रहरी भर्ती-2018 का जगजीत ने ही पेपर लीक किया था। उसने अपने इंजीनियर दोस्त की मदद से 60 लाख रुपए में पेपर का सौदा किया था। एसओजी इस मामले में अब तक 15 लोगों को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है।

एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया- एसओजी ने जगजीत सिंह (37) निवासी सिंहभूम (झारखंड) को गिरफ्तार किया है। वह अभी उत्तरप्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में रह रहा था। इसके साथ करण कुमार (36) निवासी सिंहभूम (झारखंड) को गिरफ्तार किया गया है। जो देहरादून के कोतवाली में रह रहा था।

आरोपी जगजीत को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 12 दिन के रिमांड पर सौंपा गया है। एसओजी ने पेपर लीक मामले में शामिल एक आरोपी देववत्त को चेन्नई से पकड़ा है, जिसे देर रात तक एसओजी जयपुर ले आएगी।

आरोपी जगजीत सिंह और करण एक ही स्कूल में पढ़े हुए हैं।
आरोपी जगजीत सिंह और करण एक ही स्कूल में पढ़े हुए हैं।

एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया-

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पेपर लीक मामले में पहले आरोपी संदीप कादियान (40) निवासी सोनीपत हरियाणा को अरेस्ट किया गया था। संदीप कादियान ने ही पेपर लीक होने पर पढ़ाने का काम किया था। पूछताछ में सामने आया कि संदीप कादियान को आंसर की उपलब्ध करवाने वाला करण है। करण का वह सिर्फ मोबाइल नंबर जानता है और बिहार का रहने वाला है। एसओजी ने मिली डिटेल के आधार पर करण की तलाश शुरू की।

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एसओजी ने देहरादून में दबिश देकर आरोपी करण को पकड़ लिया। झारखंड के रहने वाले करण ने इंजीनियरिंग कर रही है। फिलहाल देहरादून में रह रहा था। एसओजी की ओर से आरोपी करण के मोबाइल और लेपटॉप को जब्त किया गया।

टीसीएस का प्रोजेक्ट मैनेजर ने किया था पेपर आउट आरोपी करण से पूछताछ में एसओजी को टीसीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर जगजीत के पेपर आउट करने का पता चला। टीसीएस कंपनी पर ही पेपर कराने का जिम्मा था। एसओजी की टीम ने जगजीत के बारे में जानकारी जुटाई। 23 मार्च की रात नोएडा में दबिश देकर जगजीत को पकड़ा। जगजीत ने हरियाणा निवासी देववत्त नाम के दोस्त के जरिए पेपर का सौदा करण से करना कबूल किया।

60 लाख रुपए में किया था सौदा एसओजी जांच में सामने आया कि आरोपी करण और जगजीत एक स्कूल में पढ़े हैं। जगजीत और देवदत्त दोनों ने पुणे से इंजीनियरिंग की है। इसके चलते दोनों एक-दूसरे के दोस्त थे। जगजीत ने देववत्त के जरिए करण से कॉन्टैक्ट किया। करण ने पेपर का सौदा संदीप कादियान से 60 लाख रुपए में किया था। 27 अक्टूबर 2018 को पेपर पढ़ने के बाद अगले दिन का पेपर आउट होने का पता चलने पर डील कैंसिल हो गई थी।

मामले में अब तक 19 गिरफ्तार एटीएस-एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगजीत सिंह टीसीएस कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर है। इस कंपनी पर ही सरदार पटेल यूनिवर्सिटी जोधपुर की ओर से आयोजित जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2018 परीक्षा कराने का जिम्मा था। जेल प्रहरी पेपर लीक मामले में सरगना,दलाल और जेल प्रहरियों सहित अब तक कुल 19 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है।

कैसे हुआ था मामले का खुलासा बता दें जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा अक्टूबर 2018 में ऑनलाइन हुई थी। मुखबिर की सूचना पर 28 अक्टूबर 2018 को एसओजी टीम ने आर्या कॉलेज कूकस जयपुर के बाहर परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के मोबाइल चैक किए थे। मोबाइल में एग्जाम से पहले ही आंसर की अभ्यर्थियों के फोन में मिली। पेपर लीक का खुलासा हुआ। इसके बाद एसओजी ने अक्टूबर 2018 में मामला दर्ज किया था।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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