जयपुर विकास प्राधिकरण के जोन-11 में अधिकांश कृषि भूमि के साथ-साथ जेडीए स्वामित्व की सम्पत्ति भी है यहां पर जेडीए प्रशासन द्वारा कई कॉलोनियों पर ध्वस्तिकरण की कार्रवाई भी कर चुका है लेकिन ध्वस्त कॉलोनियों पर प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण ध्वस्त कॉलोनियां धीरे धीरे बड़े आकार में बस जाती है।
कृषि भुमि को भु-रूपांतरण करायें बिना ही कॉलोनाइजर्स आवासीय व व्यावसायिक कॉलोनियां सृजित कर देते हैं जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार के राजस्व को भी नुक़सान होता है।
आपको बतादे ग्राहको को ग्राहको को झूठे प्रलोभन व मुंगेरी लाल के हसीं सपने दिखाकर भुखण्डों का बेचान कर दिया जाता है भविष्य में आने वाली परेशानियों का सामना भी ग्राहकों को ही करना पड़ता है।
आपको बतादे जेडीए जोन-11 के क्षेत्र में अजयराजपुरा स्थित दिनांक 20-01-2025 को ‘द्वारका सिटी’ नाम से अवैध कॉलोनी पर जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तिकरण किया था वर्तमान समय की उक्त कॉलोनी की स्थिति का जायजा लिया जाये तो मानो ऐसा लगता है यहां पर जेडीए की कार्रवाई हुई ना हो।
सड़कों पुनः दुरूस्त कर दिया गया है तथा साथ ही निर्माण कार्य भी संचालित है।
“प्रवर्तन अधिकारी द्वारा उच्चाधिकारियों को मौके स्थिति की सत्यता रिपोर्ट पेश ना करना भी अवैध कॉलोनियों को पनपने का बड़ा कारण माना जा सकता है”
आपको बतादे पूर्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जेडीए की कार्रवाईयो पर खासी नाराजगी जाहिर की थी और सख्त आदेश दिये थे कि जेडीए अवैध कॉलोनियों व अवैध निर्माणों पर जीरो टोलरेंस नीति से प्रभावी व ठोस पूर्ण कार्रवाई करें






