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एमएनआईटी में ‘बिजनेस एथिक्स एसेंशियल्स’ पुस्तक का हुआ विमोचन:नैतिक नेतृत्व और व्यावसायिक नैतिकता पर की गई गहन चर्चा, देशभर के विशेषज्ञ रहे मौजूद

मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर के प्रबंधन अध्ययन विभाग ने वाइब्रेंट पब्लिशर्स के सहयोग से ‘बिजनेस एथिक्स एसेंशियल्स’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक डॉ. रितिका महाजन द्वारा लिखी गई है और नैतिक व्यापारिक प्रथाओं पर एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी। इस अवसर पर नैतिक नेतृत्व और व्यवसायिक नैतिकता पर एक प्रेरक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, इसमें उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए।

प्रो. मोनिका शर्मा (एमएनआईटी जयपुर) ने नैतिक स्टार्टअप्स: संस्थापकों को सिद्धांतों को प्राथमिकता देनी चाहिए या अस्तित्व को?” विषय पर चर्चा की। उन्होंने स्टार्टअप संस्थापकों के लिए नैतिक मूल्यों और वित्तीय अस्तित्व के बीच संतुलन बनाने की चुनौती पर प्रकाश डाला।

डॉ. अनिर्बान सेनगुप्ता (सह-संस्थापक एवं सीईओ, SusStrat Advisory LLP) ने ‘क्या नैतिकता सिर्फ अनुपालन है, या इसका एक बड़ा उद्देश्य है?’ विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि कंपनियों को नैतिकता को केवल नियमों तक सीमित न रखते हुए अपने निर्णय लेने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

प्रो. मणिपद्मा दत्ता (पूर्व कुलपति, टेरी एसएएस) ने ‘उपयोगिता बनाम नैतिकता: व्यवसायिक निर्णयों में क्या अधिक महत्वपूर्ण है?’ विषय पर चर्चा की। उन्होंने इस विचार को चुनौती दी कि नैतिकता केवल अनुपालन का विषय है और व्यवसायिक निर्णयों में नैतिक मूल्यों की महत्ता पर जोर दिया।

इसमें उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए।
इसमें उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए।

पैनल चर्चाओं के बाद, डॉ. रितिका महाजन ने अपनी पुस्तक ‘बिजनेस एथिक्स एसेंशियल्स’ का आधिकारिक विमोचन किया। वाइब्रेंट पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक व्यापारिक नेताओं, छात्रों और पेशेवरों को नैतिकता से जुड़े जटिल मुद्दों को समझने और व्यावहारिक रूप से लागू करने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में पूजा बैद सोमानी द्वारा संचालित ‘क्या नैतिक दुविधाएं हमेशा स्पष्ट होती हैं, या उनके बीच भी एक धूसर क्षेत्र होता है?’ विषय पर एक फायरसाइड चैट आयोजित की गई। इस चर्चा में सिद्धार्थ चौधरी, सह-संस्थापक, नमो तंदूरी चाय, सुमित श्रीवास्तव, संस्थापक, स्टार्टअप चौपाल, डॉ. सुदीप्ति अरोड़ा, डॉ. बी लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, डॉ. रितिका महाजन, एमएनआईटी जयपुर शामिल रहे।

वक्ताओं ने वित्तीय पारदर्शिता, ग्रीन वॉशिंग, नेतृत्व की जवाबदेही और कॉर्पोरेट विस्तार से जुड़े नैतिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन समूह फोटो और चाय के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने नैतिक व्यवसायों के निर्माण पर चर्चा जारी रखी। यह आयोजन उद्योग और शिक्षा जगत के लिए व्यवसायिक नैतिकता और नैतिक नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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