राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित सप्ताहभर के कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार को विशेषयोग्य जन बच्चों के लिए ‘देखो अपना शहर’ जागरूकता यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की उपस्थिति में जंतर मंतर से हुआ।
इस अवसर पर दीया कुमारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, जिससे वे प्रेरित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि विशेष योग्यजन बच्चे प्रकृति से अद्वितीय प्रतिभा और ऊर्जा प्राप्त करते हैं और कई मामलों में वे सामान्य बच्चों से भी अधिक कुशल होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने में सरकार ऐसे विशेष योग्यजन बच्चों की प्रतिभा का सदुपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”
बच्चों ने किया स्वागत, उपमुख्यमंत्री ने दिए उपहार
कार्यक्रम के दौरान विशेष योग्यजन बच्चों ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का फूल भेंट कर स्वागत किया, जबकि उन्होंने बच्चों को उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने बच्चों के लिए जंतर मंतर, सिटी पैलेस, अल्बर्ट हॉल और आमेर भ्रमण के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने विदेशी पर्यटकों से मुलाकात की और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों का भ्रमण करने के लिए उन्हें प्रेरित किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बाड़मेर यात्रा को यादगार बताया और कहा कि सीमावर्ती गांवों की महिलाएं अपने दैनिक कार्यों को आत्मनिर्भरता और सशक्त तरीके से संपन्न कर रही हैं। उन्होंने उत्तरलाई गांव में महिलाओं के साथ चक्की पीसने और अन्य कार्यों में सहभागिता करने के अनुभव साझा किए।

महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार कर रही है नित नए नवाचार
उन्होंने कहा कि बाड़मेर में आयोजित महिला सम्मेलन बहुत सफल रहा, जहां 20,000 महिलाओं की अपेक्षा 30,000 महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे महिलाओं और बालिकाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।
इस जागरूकता यात्रा के माध्यम से न केवल विशेष योग्यजन बच्चों को शहर की ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी दी गई, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला।






