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4 बच्चों-बेटे की हत्या,सदमे में माता-पिता की हुई थी मौत:पीछे बचे 3 लोग मानसिक रूप से कमजोर; हत्यारे की शादी पर परिवार बोला-यह अन्याय है

अलवर में साल 2017 में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा ने प्रेमी हनुमान प्रसाद और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने 3 बेटों, 1 भतीजे और पति की हत्या कर दी थी। ये 2017 का सबसे चर्चित हत्याकांड रहा था। हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह से खत्म हो गया।

संतोष के पति बनवारी के माता-पिता की हत्याकांड के बाद 6 महीने के अंदर सदमे में मौत हो गई थी। पीछे बचे संतोष के देवर, छोटी बहन कविता (देवर की पत्नी) और एक बच्चा तीनों मानसिक रूप से कमजोर हो चुके हैं।

हत्या के मामले में दोषी करार हुआ संतोष का पूर्व प्रेमी हनुमान प्रसाद जेल में सजा काटते हुए शादी रचा चुका है। हनुमान प्रसाद ने 23 जनवरी को अलवर में जयपुर के चर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ से शादी कर ली। दोनों 15 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए हैं।

हनुमान प्रसाद को शादी के लिए पैरोल देने पर पीड़ित परिवार से जुड़े लोगों और पड़ोसियों ने कहा- जघन्य हत्याकांड के दोषी को छूट देना गलत है। यह अन्याय है।

दोषी हनुमान प्रसाद की शादी की तस्वीर…

हनुमान प्रसाद ने 23 जनवरी को प्रिया सेठ से शादी रचाई।
हनुमान प्रसाद ने 23 जनवरी को प्रिया सेठ से शादी रचाई।

परिवार बोला- यह अन्याय है इस शादी के बाद संतोष के गांव कठूमर के गारू में परिवार से जुड़े लोगों में गुस्सा है। संतोष के चाचा के लड़के अशोक शर्मा ने कहा- यह अन्याय है। पूरा परिवार खत्म हो गया। 5 लोगों की हत्या के बाद संतोष के सास-ससुर की सदमे के कारण एक साल में मौत हो गई। कविता, उसका पति और बेटा अभी कहीं रिश्तेदारी में गए हैं।

पड़ोसी बोले- दोषियों को छूट देना गलत संतोष के घर के पड़ोस में रहने वाले ओमप्रकाश ने कहा- दोषियों को छूट देना गलत है। यह जघन्य अपराध था।

पड़ोसियों ने कहा कि संतोष की बहन व उसका देवर पहले से मानसिक कमजोर हैं। बेटा भी पूरी बात नहीं समझता है, इसलिए उनके परिवार में कोई समझदार व्यक्ति नहीं बचा है।

घर में जब एक साथ पांच अर्थियां उठी तो बनवारी शर्मा के माता-पिता सदमे में आ गए थे।
घर में जब एक साथ पांच अर्थियां उठी तो बनवारी शर्मा के माता-पिता सदमे में आ गए थे।

एक साल में 7 लोगों की अर्थियां उठी परिवार ने बताया- इस हत्याकांड के बाद एक साल में 7 लोगों की अर्थियां उठ गई थी। 3 अक्टूबर 2017 को 5 लोगों की चिता एक साथ जलानी पड़ी थी। इसी सदमे के कारण हत्याकांड के 4 महीने बाद बनवारी की मां बिरामी देवी की मौत हो गई।

बनवारी के पिता मुरारी भी दुखी रहते थे। परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद पत्नी की मौत ने उन्हें तोड़ दिया। बिरमा की मौत के करीब 10 महीने के बाद मुरारी का भी निधन हो गया।

पढ़िए चर्चित मर्डर केस की कहानी हनुमान प्रसाद अलवर के जिस हत्याकांड का दोषी है, वह मामला 2 अक्टूबर, 2017 की रात का है। पुलिस को 3 अक्टूबर 2017 की सुबह 6 बजे अलवर शहर के शिवाजी पार्क थाने में मर्डर की सूचना मिली थी।

एक ही रात में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल सहित परिवार के 5 लोगों का जानवर काटने वाले चाकू से मर्डर हुआ, जिनमें 4 बच्चे भी थे। बनवारी लाल शर्मा (45), उसके तीन बेटों मोहित (17), हैप्पी (15), अज्जू (12) व भतीजे निक्की (10) की हत्या कर दी गई।

पुलिस जांच में पता चला कि तीन हत्यारों ने नींद की गोलियों से छाई बेहोशी का फायदा उठाकर पहले चाकू से पांचों का गला काटा। फिर शरीर पर चाकू के इतने वार किए कि बचने की कोई उम्मीद न रहे। लाशें इतनी लहूलुहान थी कि बिस्तर तक खून से सन गए थे।

इनकी हुई थी हत्या..

संतोष शर्मा और बनवारी लाल 15 साल से शादीशुदा थे। बनवारी लाल अलवर के एमआईए स्थित एक फैक्ट्री में ऑपरेटर का काम करता था। पुलिस जांच में कॉल डिटेल के आधार पर पता चला कि संतोष और हनुमान प्रसाद के बीच अफेयर चल रहा था। संतोष हनुमान से 10 साल बड़ी थी।

पकड़े जाने के बाद हनुमान प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वो उदयपुर में सीकर के एक दोस्त के साथ BPED की ट्रेनिंग कर रहा था। साल 2014 में एक टूर्नामेंट के दौरान उदयपुर में उसकी ताइक्वांडो कोच संतोष से दोस्ती हुई थी। हनुमान ने बताया था कि संतोष के पति बनवारी और बेटे मोहित को उस पर शक हो गया था। इसके चलते उसने और संतोष ने अपने दो साथियों कपिल व दीपक की मदद से बनवारी और उसके तीन बेटों व एक भतीजे की हत्या कर दी।

पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन में जब हनुमान, संतोष और अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाया तो धीरे-धीरे हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई। हत्या के लिए हनुमान ने 30 सितंबर 2017 को ऑनलाइन 1260 रुपए में जानवरों को काटने वाला छुरा मंगवाया था। छुरा करीब 31 सेमी लंबा और 4 सेमी चौड़ा था। मर्डर के समय दर्द से चीख नहीं निकले, इसके लिए नशीली गोलियां भी हनुमान ने संतोष को लाकर दी थीं।

हनुमान प्रसाद 2 अक्टूबर की रात संतोष के घर पहुंचा था। संतोष ने सबसे पहले इशारे से बताया कि पति कहां सो रहा है। संतोष के इशारा करते ही हनुमान ने सबसे पहले पति बनवारी लाल का गला काटा। संतोष ये सब कुछ सीढ़ियों में खड़े होकर देख रही थी। इस दौरान बच्चे जाग गए। इस कारण बच्चों को भी चाकू से मार डाला। पांचों के शवों पर चाकू से दर्जनों वार किए।

हत्याकांड के बाद पकड़े गए तीनों आरोपी, सबसे मध्य में आरोपी हनुमान प्रसाद।
हत्याकांड के बाद पकड़े गए तीनों आरोपी, सबसे मध्य में आरोपी हनुमान प्रसाद।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर राजगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित मंदिर के पीछे एक खेत में गड्‌ढ़ा खोद कर छुपाए गए खून से सने दो चाकू व अन्य सामान भी बरामद कर लिए थे। वहीं, हनुमान के कमरे से खून से सने कपड़े और 7 मोबाइल भी जब्त किए। इस मामले में अलवर की अपर जिला और सेशन कोर्ट-2 ने संतोष और उसके प्रेमी हनुमान प्रसाद को उम्रकैद की सजा सुनाई।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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