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विपक्ष मुद्दाविहीन होकर अनर्गल बयानबाजी में लगा:मदन राठौड़

सदन चलने नहीं देना ही विपक्ष का मुख्य एजेंडा बन गया:मदन राठौड़

भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से विश्व को शांति का संदेश दे रहा:मदन राठौड़

न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आज विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में विपक्ष पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है और लगातार अनर्गल बयानबाजी कर लोगों को भ्रमित करने का कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए सदन में पूरी तरह तैयार है,लेकिन विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने के बजाय सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करता है।मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष सदन के अंदर रचनात्मक चर्चा करने के बजाय सदन के बाहर और यहां तक कि विदेशों में जाकर भी देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है, जो किसी भी जिम्मेदार लोकतांत्रिक विपक्ष के अनुरूप नहीं है।उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में “विकसित भारत 2047” का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।इस बजट में रेलवे के आधुनिकीकरण,ऊर्जा सुरक्षा, सड़कों के व्यापक विस्तार,डिजिटल आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण,रोजगार सृजन,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ राज्यों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।भारतीय जनता पार्टी भी एक सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष की अपेक्षा करती है,जो राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाए। दुर्भाग्य से वर्तमान विपक्ष में राष्ट्रीय चरित्र का अभाव दिखाई देता है और वह केवल नकारात्मक टिप्पणियों तथा भ्रामक खबरों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य सदन को चलने न देना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों को बाधित करना है।देश को भ्रमित करने और विकास की गति को रोकने का यह प्रयास सफल नहीं होगा।मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर भारत का सशक्त नेतृत्व कर रहे हैं।वे लगातार विश्व समुदाय से यह अपील कर रहे हैं कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।समस्याओं का स्थायी समाधान केवल कूटनीति और संवाद के माध्यम से ही संभव है।भारत सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना में विश्वास रखता है और विश्व शांति के मार्ग पर अग्रसर है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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