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आमेर में 365 मंदिर:महल में शिला देवी तो कस्बे में मध्य जगतशिरोमणी, पहाड़ियों के बीच जंगल में विराजित हैं भूतेश्वर महादेव

जयपुर से पहले ढूंढाड़ की राजधानी आमेर ही थी। पहले मीणाओं का फिर राजपूत शासकों का राज रहा, लेकिन मंदिरों का निर्माण नहीं रुका। यहां हर दूसरे या तीसरे घर में मंदिर है। टूरिस्ट गाइड फेडरेशन अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा ने बताया कि यहां करीब 365 से अधिक मंदिर बसे हुए हैं। आमेर महल में शिला माता विराजमान हैं तो मध्य में जगतशिरोमणी मंदिर है। पहाड़ियों के बीच जंगल में भूतेश्वर महादेव मंदिर है। पहले गलता तीर्थ भी आमेर क्षेत्र में ही आता था, वहां भगवान सीताराम व कृष्ण विराजित हैं। रविवार से हिन्दू नववर्ष शुरू हो रहा है। ऐसे में भास्कर में पढ़िए धर्म की नगरी आमेर में अलग-अलग राजाओं के समय बने प्रमुख मंदिरों की रिपोर्ट-

प्राचीन मंदिरों में भूतेश्वर महादेव, अंबा माता, और अंबिकेश्वर मंदिर का हुआ था निर्माण

टूरिस्ट गाइड फेडरेशन अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा ने बताया कि मीणा शासकों का किला कुंतलगढ़ था। तब पहाड़ी के नीचे भूतेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवाया गया। उसी दौरान सिसियावास में अंबा माता का मंदिर बनवाया गया। मीणा शासकों के बाद पहले राजपूत राजा दूल्हेराय आमेर आए। इनके बाद 1036 में राजा कांकिल देव ने जयगढ़ किले की नींव के साथ ही कालभैरव मंदिर की स्थापना की। इसके बाद पहाड़ी पर सूर्य देव का मंदिर बनवाया। राजा मानसिंह ने आमेर महल में शिला माता मंदिर, कस्बे में जगतशिरोमणि मंदिर का निर्माण करवाया। महल के चारों ओर खिंची हुई सुरक्षा दीवार (परकोटे) में नौ भैरव मंदिर बने हैं। मिर्जा राजा जयसिंह ने बिहारी मंदिर स्थापित करवाया। राजा रामसिंह ने रामेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया। आमेर में दादू पंथी आश्रम भी है। इनके अलावा 6 जैन मंदिर भी बने हुए हैं। तब लोग घर के साथ मंदिर निर्माण भी करवाते थे।

प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर; नृसिंह मंदिर, ग्यारह रूद्र महादेव मंदिर, अंबकेश्वर महादेव मंदिर, चारधाम मंदिर, रामेश्वर महादेव मंदिर, वीर हनुमान मंदिर, कालिका माता मंदिर, पंचमुखी हनुमानजी मंदिर, लूणेश्वर धाम, कंदबकेश्वर महादेव मंदिर, हर्षनाथ भैरव मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, सागर रोड शिवालय, आंकड़े वाला गणेश मंदिर, सिद्धि विनायक मंदिर, चौले के हनुमानजी, विराईमाता मंदिर, ब्रदीनाथ मंदिर, धांधु के भैरूजी, माधव सिंह थान, सातों बहनों का मंदिर, मंसामाता मंदिर, दादूराम-सत्यराम, ज्योति के हनुमानजी और कदम्बकेश्वर महादेव सहित अन्य ऐतिहासिक मंदिर हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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