एमपी से पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के लिए चोरों से 25 लाख रुपए कीमत वाली लग्जरी कारें दलालों के मार्फत 4 लाख रुपए में खरीद रहे थे। जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी ने ऐसे गिरोह का खुलासा कर 2 दलाल व 3 खरीदारों को पकड़ा है। हालांकि कार चुराने वाले दो बदमाश अभी तक फरार चल रहे है।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से चुराई गई दो हैरियर कार व वारदात के लिए काम ली जा रहे स्कॉर्पियो और 3.84 लाख रुपए बरामद कर लिए। ये गिरोह चोरों से हैरियर कार की डिमांड ज्यादा करते थे, क्योंकि तस्करी के दौरान तेज स्पीड़ दौड़ाने का फायदा मिलता है। इसके अलावा ऐसी कार में पुलिस भी शक नहीं करती है। गिरफ्तार आरोपी दलाल नरेन्द्र उर्फ नरेश ब्यावर स्थित बर, सोनू काठात ब्यावर, खरीदार जमनालाल जाट कोटड़ी भीलवाड़ा, संजय सिंह भिनाय अजमेर व मुकेश कोटड़ी भीलवाड़ा के रहने वाले है। पकड़े गए बदमाश लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करों के लिए काम करते थे, जो तस्करों की मांग के अनुसार जयपुर आकर वाहन चोरों से सौदा तय करते थे।
तस्कर ड्रग्स सप्लाई में हैरियर काम में लेते थे, ताकि चेकिंग के दौरान शक न हो
डीसीपी क्राइम कुंदन कंवरिया ने बताया कि इस संबंध 10 अप्रैल को अजमेर में रहने वाले जम्मू कश्मीर निवासी देवेन्द्र दत्त ने विधायकपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह 9 अप्रैल की रात को किसी काम से जयपुर आए थे और विधायकपुरी इलाके में स्थित एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान रात के वक्त चोरों ने उनकी कार चुरा ली। अगली सुबह होटल स्टाफ ने कार चोरी की जानकारी दी।
उसके बाद एक्टिव हुई पुलिस टीमों ने चोरों की तलाश शुरू की। तभी वाहन चोर व नकबजनों पर काम कर रहे सीएसटी सदस्य मैनेजर खान व हरिनारायण को मिले इनपुट के आधार पर पहचान कर 2 दलाल व 3 खरीदारों को पकड़ लिया। कार चुराने वाले दो चोरों की भी पहचान कर ली। उन्हें पकड़ने के लिए सीएसटी टीमें छापेमारी कर रही है। पकड़े गए बदमाशों को विधायकपुरी थाना पुलिस को सौंप दिया, जहां पर अलग-अलग टीमें पूछताछ कर रही है।
डीसीपी क्राइम कंवरिया ने बताया कि एमपी से पंजाब तक ड्रग्स सप्लाई करने वाले तस्कर चोरी की गई हैरियर कार काम में लेते है। इसके लिए वह दलालों के जरिए सस्ते भावों में खरीद रहे है। दलाल 20 से 25 लाख रुपए कीमत वाली कार को चोर से 3 लाख में खरीदने के बाद 4 से 5 लाख रुपए में तस्करों को बेच देते है। आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर तस्दीक की जा रही है। जब्त की गई एक हैरियर कुछ समय पहले करधनी से चोरी हुई थी।
ऑन डिमांड चोरी करवाते हैं
पकड़े गए दलालों से पूछताछ में सामने आया कि ये तस्करों की मांग के अनुसार चोरों से सौदा तय करके कार चोरी करवाते थे। इस दौरान खुद पैसे लेकर आस-पास खड़े रहते थे। कार मिलते ही पैसे देकर भाग जाते थे, जिससे पकड़े नहीं जा सके और फिर इन कारों से तस्करी की जाती थी।






