शिक्षक बनने के लिए जरूरी बीएड पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं में रुझान घटता जा रहा है। पिछले 4 साल से इसके लिए आवेदन में युवाओं की संख्या में हर साल कमी हो रही है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) कोटा की ओर से दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली पीटीईटी-2025 के लिए इस बार सबसे कम 2,02,688 युवाओं ने आवेदन किया। साल 2024 में 2,80,147 ने आवेदन किया था, जो इस साल से 77,459 अधिक थे। वर्ष 2022 और 2023 में भी इस बार से अधिक आवेदन आए थे।
बता दें कि पीटीईटी के लिए सबसे पहले 5 मार्च से 7 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद 3 बार तिथि बढ़ाई गई। इसके बावजूद 2 लाख युवाओं ने ही आवेदन किया। अंग्रेजी माध्यम के लिए 13,532 और हिंदी माध्यम में 1,89,156 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पीटीईटी का आयोजन 15 जून को प्रस्तावित है। वीएमओयू इस बार केवल 2 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के लिए ही पीटीईटी 2025 का आयोजन करेगा। चार वर्षीय पाठ्यक्रम को एनसीटीई ने पिछले साल बंद कर दिया था।
1.10 लाख हैं बीएड की सीटें; दो वर्षीय पाठ्यक्रम की प्रदेश में करीब 1100 बीएड कॉलेज हैं, इनमें 1.10 लाख सीटें हैं। हालांकि सीटों के मुकाबले आवेदन दो गुना हैं। फिर भी अगर अभ्यर्थियों को इच्छित कॉलेज नहीं मिला तो कुछ सीटें खाली रह सकती हैं। बता दें कि चार वर्षीय कोर्स की करीब 23 हजार सीटें थीं, उसके लिए भी डेढ़ लाख तक आवेदन आते थे। इन्हें मिलाकर 4 से 5 लाख तक आवेदन आते थे।
13 साल में सबसे कम शिक्षकों की भर्ती इस बार बीएड डिग्रीधारी अध्यापक भर्ती लेवल-2, वरिष्ठ अध्यापक और बीएड के साथ पीजी डिग्रीधारी स्कूल व्याख्याता भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है। लेकिन इस बार वरिष्ठ अध्यापक के 2129 और स्कूल व्याख्याता भर्ती के 2202 पदों के लिए ही भर्ती निकाली गई। जो पिछले 13 सालों में सबसे कम है। साथ ही प्रदेश में पहले से ही 10 लाख से अधिक बीएड डिग्रीधारी बेरोजगार हैं।

पीटीईटी के लिए सबसे अधिक 26283 आवेदन जयपुर जिले से किए गए हैं। सबसे कम 1119 आवेदन जैसलमेर से हैं। जोधपुर से 12000, सीकर से 10014 है। दो हजार से कम आवेदन वाले कुल 8 जिले हैं।





