चौमूं शहर में पिछले 7 दिनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है। नगर परिषद में सफाई टेंडर रद्द होने के कारण शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। सफाई कर्मचारियों के ऑटो टिपर नगर परिषद कार्यालय में खड़े हैं। वर्तमान में केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से शहर का कचरा एकत्रित किया जा रहा है।
नगर परिषद के सफाई स्वास्थ्य निरीक्षक जयकिशन सैनी ने बताया कि जल्द ही नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि नगर परिषद हर महीने सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च करती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में न तो अधिकारी और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठा रहे हैं।
इसी बीच जालसू पंचायत समिति के अनोपपुरा गांव में एक और समस्या सामने आई है। यहां खुले में मृत मवेशियों को फेंका जा रहा है। इससे न केवल लोगों के आवागमन में बाधा आ रही है, बल्कि स्वच्छता की दृष्टि से भी गंभीर समस्या बन गई है। मृत मवेशियों के कंकाल सड़कों पर बिखरे पड़े हैं, जिन्हें जंगली जानवर नोचते रहते हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार शिकायत की है, लेकिन पंचायत प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय निवासियों को अब जंगली जानवरों के हमले का भी डर सताने लगा है।





