देश की सबसे तेज वंदे भारत एक्सप्रेस फिलहाल औसतन सिर्फ 73.48 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही बल रही है। वंदे भारत को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर चलने के लिए बनाया गया था लेकिन यह 90 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रही है। वहां तक कि कई बंद भारत ट्रेनों की औसत रफ्तार शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस के बराबर ही है। रेलवे मिनस्ट्री का डेटा बताता है कि देश की कुल 136 बंद भारत ट्रेन औसतन 73.40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल रही हैं। वहीं राजस्थान से चलने वाली पांच बंदे भारत औसतन 72.28 किमी प्रति घंटे से चान रही है।
यह आंकड़ा मध्य प्रदेश के आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौड़ की आरटीआई में प्राप्त हुआ है। ट्रैक की हालत सहित अन्य कारणों की वजह से इसकी स्पीड 130 किमी प्रति घंटे पर ही रखी गई थी। लेकिन यह अब तक 100 किमी प्रति घंटे पर भी नहीं पहुंच पा रही है। राजस्थान में चल रही वंदे भारत की स्पीड अन्य ट्रेनों की स्पीड की तुलना में बेहतर है। राज्य में औसत स्पीड लगभग 70 से 80 किमी प्रति घंटा है। बता दें देश में सबसे पहले बंद भारत एक्सप्रेस को 2019 में दिल्ली से वाराणसी लॉन्च किया गया था। इसके बाद से ही यह सेमी हाई स्पीड ट्रेन देशभर में बर्चा में आ गई थी।
राजस्थान में अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा, कोयम्बटूर से बेंगलुरु ट्रेन सबसे धीमी
वाराणसी से नई दिल्ली तक चलने वाली ट्रेन की औसत रफ्तार 94.91 किमी प्रति घंटे है जो सबसे तेज है, वहीं कोयम्बटूर से बेंगलुरु कैन्ट चालने वाली बंदे भारत को औसत रफ्तार सिर्फ 59.11 किमी प्रति घंटे है जो देश में सबसे कम है। नई दिल्ली से ट्रेन वाराणसी वंदे भारत 93.94 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 759 किमी का सफर तय करती है। इधर राजस्थान से चलने वाली वंदे भारत में सबसे कम रफ्तार जयपुर से उदयपुर तक चलने वाली वंदे भारत की है जो गहन 60 किमी प्रति घंटे पर चल रही है। राज्य में सबसे तेज अजमेर से चंडीगढ़ चलने वाली वंदे एक्सप्रेस है। यह औसतन 30.20 किमी प्रति घंटा पर चल रही है।
स्पीड बढ़ाने को गति प्रतिबंधों को हटा रहे हैं
उत्तर पश्चिम रेलवे के 700 किमी रूट पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार कर दी गई है जिस पर वंदे भारत चल रही है। गति प्रतिबंधों को भी हटाया जा रहा है ताकि औसत गति बढ़ाई जा सके। – शशि किरण, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे






