सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को अवमानना की कार्रवाई से मुक्त कर दिया है। कोर्ट ने सांगानेर खुली जेल में सैटेलाइट अस्पताल बनाने को मंजूरी दे दी है। सांगानेर खुली जेल की 22 हजार वर्गमीटर जमीन पर 300 बेड का अस्पताल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव को अवमानना कार्रवाई से मुक्त करते हुए राज्य सरकार को एक हलफनामा देने को कहा है। रजिस्ट्रार की सिफारिशों के अनुसार ही जेल परिसर में अस्पताल बनाने पर हलफनामा देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट सीजे बीआर गवई और जस्टिस एसजी मसीह की खंडपीठ ने प्रसून गोस्वामी की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए हैं। राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) शिवमंगल शर्मा ने पैरवी की।
सॉलिसीटर जनरल और एएजी ने पैरवी करते हुए कहा कि रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने सांगानेर खुली जेल में पहले से आवंटित की गई 17800 वर्गमीटर के साथ 14940 वर्गमीटर और जमीन को शामिल कर नया जेल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। जब तक नई जेल नहीं बन जाती तब तक मौजूदा जेल की बिल्डिंग को खाली नहीं किया जाएगा।
पिछले साल 6 दिसंबर को रजिस्ट्रार ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में 22232 वर्गमीटर जमीन पर सैटेलाइट अस्पताल बनाने का जिक्र किया गया था। अब रजिस्ट्रार की इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर करते हुए इसके अनुसार ही आगे काम करने को कहा है।





