जयपुर में युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले को सांप्रदायिक रंग देने के विरोध में जयपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सर्व समाज की ओर से बड़ी चौपड़ पर सुबह 10 बजे से महा धरना दिया जा रहा है। इस दौरान आधा दिन तक व्यापारियों ने बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। इसका प्रमुख व्यापार मंडलों, संत समाज और विभिन्न समाजों ने खुलकर समर्थन दिया है।

महाधरने में राजसमंद सांसद दीया कुमारी, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ भी शामिल हुए हैं। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी भी धरने में शामिल होने पहुंचे हैं।

इससे पहले मंगलवार को हिंदूवादी और व्यापारिक संगठनों की अलग-अलग जगह बैठकें हुईं, जिसमें दुर्घटना को मॉब लिंचिंग का नाम देकर हिन्दू परिवारों को प्रताड़ित करने का कड़ा विरोध किया गया।
व्यापारियों का आरोप है कि समुदाय विशेष के लोगों ने घटना के अगले दिन भरे बाजार में जाकर लूटपाट, तोड़फोड़, महिलाओं से छेड़छाड़ की। इसको लेकर व्यापारियों की ओर से शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
उधर, पुलिस ने सभी धर्म के प्रमुख धर्मगुरुओं के साथ बैठक की, जिसमें शामिल लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने अपनी कार्रवाई को लेकर बताया कि अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ नहीं जाएगा। पुलिस धर्म, जाति देख कर काम नहीं करती।
जयपुर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सहकार मार्ग स्थित सेवा सदन में सर्व समाज की बैठक हुई, जिसमें सभी समाज के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विरोध में संत समाज भी शामिल होकर अपना विरोध जाहिर करेंगे। उन्होंने बताया- पुलिस से कई बार कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन पुलिस अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी। हमारी मांग है कि घटना में शामिल असामाजिक तत्वों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
उधर, जयपुर पुलिस ने धरने को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। बड़ी चौपड़ पर रास्ता बंद किया गया है। क्यूआरटी, ईआरटी और आरएसी की तैनाती की गई है।
जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि इकबाल हत्याकांड में पकड़े गए 5 लोगों में एक नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। सोमवार को भी 2 की बापर्दा गिरफ्तारी की गई थी, जिनको मंगलवार को जेल भेज दिया गया। शिनाख्त होने पर उनको भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पहले पकड़े गए युवराज कश्यप और शुभम मेहरा से झगड़े के कारणों को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। इकबाल हत्याकांड में पुलिस अब तक 8 लोगों को नामजद कर चुकी है। 5 पकड़े जा चुके हैं, जबकि 3 की तलाश के लिए एसआईटी अपने स्तर पर काम कर रही है।






