कोटपूतली के नारेहड़ा गांव में देर रात हुई बारिश के बाद घरों में पानी घुस गया। जोहड़ का गंदा पानी गोशाला रोड मोहल्ले में भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक परिवार को रात पिकअप में गुजारनी पड़ी। वहीं सुबह परिजन बच्चों को पीठ पर बैठाकर स्कूल ले जाते दिखे। लोगों का कहना है कि गांव में बन रही सड़क की ऊंचाई मुख्य रास्तों से अधिक है, जिससे पानी दूसरी तरफ नहीं निकल रहा है।
बस स्टैंड पर 5 जून को अतिक्रमण हटाया गया था। आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिनेश साहू ने बारिश से पहले नाला निर्माण का आश्वासन दिया था। लेकिन केवल गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए, जो अब पानी से भर गए हैं।
बच्चों को पीठ पर बैठाकर स्कूल छोड़ने जाते दिखे परिजन।
ना सफाई हुई, ना चारदीवारी का निर्माण हुआ-स्थानीय निवासी
स्थानीय निवासी मुकेश कुमावत ने बताया कि जोहड़ की न तो समय पर सफाई हुई और न ही चारदीवारी का निर्माण किया गया। आसपास के अतिक्रमण ने स्थिति और बिगाड़ दी है। गंदे पानी के घरों में घुसने से मच्छर-मक्खियों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
वार्ड पंच विनोद नायक के अनुसार, जोहड़ की समस्या और पानी निकासी का मुद्दा कई बार ग्राम पंचायत की मीटिंग में उठाया गया। मासिक बैठकों में भी यह विषय रखा गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दिव्यांग रोहतास नायक ने बताया कि पानी भरने से मकान की नींव धंस गई और मकान में दरार आ गई। जिससे मकान गिरने का डर सता रहा है।
गांव में घुटनों तक पानी भर गया।
पिकअप में गुजारी रात
छाजू नायक ने बताया कि रात को भयंकर बरसात से बिस्तर, रसोई का सामान सारा डूब गया। पूरी रात बच्चों के साथ पास में खड़ी पिकअप गाड़ी में बिताई। परेशानी ने जीवन गुजार रहे है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ग्रामीणों ने बताया इस मोहल्ले के लोग मजदूर वर्ग के हैं मजदूरी करके जीवन गुजार रहे हैं।
गांव के छाजू नायक के घर में पानी भर गया। जिसके कारण परिवार ने पिकअप में रात गुजारी
जोहड़ का पानी ओवरफ्लो होकर गांव में भर गया।






