जयपुर(सुनील शर्मा)भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने भाजपा प्रदेश मीडिया सेंटर से बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने पांच साल प्रदेश में भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का तांडव मचाया है।अब जब चुनाव सिर पर हैं,तब इन्हे हार का डर सताने लगा है और अपनी जीत के खोखले दावे करने लगे हैं।पूरे पांच साल प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर नाम की कोई चीज नहीं थी साधु-संतो की हत्या,दुष्कर्म,भ्रष्टाचार,पेपर लीक, युवाओं और किसानों से वादाखिलाफी सहित तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले लोग आज जीत के मनगढ़तं दावे कर रहे हैं।जयपुर में हुई रोडरेज की घटना के तुरंत बाद कांग्रेस के सभी आला नेता मौके पर पहुंचे और मृतक के परिवार के लिए 50 लाख के मुआवजे की घोषणा कर दी।दूसरी तरफ प्रदेश में 7 हजार से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की हत्या पर कोई मुआवजा तक नहीं इससे भी ज्यादा शर्मनाक तो यह है कि अकाल मौत मारे गए इन नागरिकों के प्रति किसी कांग्रेस नेता ने कोई संवेदना तक प्रकट नहीं की।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि प्रताप सिंह खाचरियावास बेशर्मी से बयान जारी कर पुजारियों से मंदिरों के ताले लगाने की बात कहते हैं,उनको याद दिलाना चाहता हूं कि 2019 में जयपुर के शास्त्री नगर में हुए दंगों के दैारान समुदाय विशेष के लोगों को थाने से छुड़ाने के लिए कौन गया था ?

कांग्रेस के नेता दिनभर सनातन के प्रति आस्था रखने वाले लोगों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करते हैं, लेकिन इनकी तुष्टिकरण की नीति किसी से छिपी नहीं है।प्रताप सिंह खाचरियावास पेट्रोल-डीजल की दरों के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हैं, जबकि राजस्थान में हरियाणा, गुजरात और अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल है,जिसका कारण प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा अधिक वैट की वसूली है।प्रदेश में दो बार पेट्रोल पंप संचालक वैट बढ़ोतरी के खिलाफ हड़ताल कर चुके है, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा।वहीं पंप संचालक सरकार से बार-बार वैट कम करने की अपील करते रहे लेकिन वैट बढ़ेातरी को लेकर सरकार की ओर से कोई बयान तक नहीं आया।पांच साल तक केंद्र सरकार पर आरोप लगाकर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटते रहे।प्रदेश की जनता ने बदहाल कानून व्यवस्था का दंश पूरे पांच साल झेला है और अब जनता ने मन बना लिया है इस तुष्टिकरण वाली सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना है और भाजपा को प्रचंड बहुमत से सत्ता में लाना है।







