लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने गुरुवार को कोटा शहर में तलवंडी स्थित राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।
समारोह में ओम बिरला ने कहा कि आयुर्वेद और योग केवल चिकित्सा पद्धतियाँ नहीं बल्कि भारत की प्राचीन जीवन-शैली और संतुलित स्वास्थ्य का विज्ञान हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थी समग्र स्वास्थ्य, अनुसंधान और चिकित्सा के क्षेत्र में नई दिशा देंगे।
ओम बिरला ने पूर्व सांसद और प्रसिद्ध वैद्य स्व. श्री दाऊदयाल जोशी का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कोटा में कोटा में आयुर्वेद चिकित्सा की नींव रखी थी, जो आज एक सशक्त शिक्षण और अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इस प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक रुख रखने के लिए उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
मेडिसिटी विकसित करेंगे
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संस्थान में क्लिनिकल रिसर्च, हाइड्रोथेरपी, क्रायोथेरपी, मसाज थेरपी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा और औषधीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक मानकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कोटा को केवल शिक्षा और उद्योग की नगरी ही नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और वेलनेस का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए 50 बीघा भूमि पर आयुर्वेद मेडिसिटी और औषधि पार्क विकसित करने की योजना है, जिससे स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आयुर्वेद और योग का हब बनेगा कोटा- बैरवा
उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि आयुर्वेद जीवन जीने की कला और प्रकृति के साथ संतुलन का विज्ञान है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में कोटा को आयुर्वेद और योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री बैरवा ने कहा कि राजस्थान आज आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 348 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की जा चुकी है। बूंदी में भी आयुर्वेद चिकित्सालय की स्थापना होगी।
आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भी शुरू हो
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के दूरदर्शी नेतृत्व ने कोटा को शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान दी है। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के मार्गदर्शन में कोटा में आयुर्वेदिक चिकित्सा को नई दिशा मिली है। कोटा में 10 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना है, जिससे नागरिकों को समग्र स्वास्थ्य की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम में आयुष विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार,जिला कलक्टर पीयूष समारिया, निदेशक आयुर्वेद आनंद कुमार शर्मा, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ला , नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी सहित गणमान्यजन, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं आमजन उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नित्यानंद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।






