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टमाटर के दाम दोगुने- रसोई का बजट गड़बड़ाया:रिटेल में मिल रहे 70–80 रुपए किलो, अन्य सब्जियों के भावों में भी तेजी, सर्दियों में भी गिरावट नहीं

जयपुर में सर्दियां शुरू होते ही मुहाना मंडी में हरी सब्जियों की आवक बढ़ गई है,लेकिन इसके बावजूद भी कई सब्जियां इस बार सस्ती नहीं हो पाई हैं। सबसे ज्यादा असर टमाटर पर दिख रहा है, जिसके दाम पिछले एक हफ्ते में दोगुने हो गए हैं।

सामान्य दिनों में 20–25 रुपए किलो मिलने वाला टमाटर इस समय थोक में 50–55 रुपए किलो और रिटेल में 70–80 रुपए किलो तक पहुंच चुका है। आवक कम होने और बारिश से फसल को नुकसान होने के कारण टमाटर के बाजार में तेजी बनी हुई है।

हरी सब्जियों पालक, गोभी, मटर, धनिया, शिमला मिर्च और मेथी की बड़ी मात्रा में आवक हो रही है, लेकिन इनकी कीमतें भी इस सीजन के हिसाब से ज्यादा हैं।

बारिश और शादियों के सीजन के कारण सब्जियों के दामों में नहीं गिरावट

मंडी व्यापारियों का कहना है कि अक्टूबर की बारिश, शादी सीजन में बढ़ी मांग और कम उत्पादन की वजह से इस बार सर्दियों में भी सब्जियों के दाम सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। कई सब्जियां आमतौर पर 10–15 रुपए किलो बिकती थी, इस बार दोगुने भाव पर मिल रही हैं।

मुहाना मंडी में सब्जियों के थोक और खुदरा(रिटेल) भाव (प्रति किलो में)

सब्जियां थोक खुदरा(रिटेल)
टमाटर हाइब्रिड 50-55 रुपए 70-80 रुपए
टमाटर देसी 38-42 रुपए 50-60 रुपए
नींबू 20-25 रुपए 40-50 रुपए
अदरक पुरानी 130 – 140 रुपए
अदरक नई 55-60 रुपए 60-70 रुपए
लौकी 15-20 रुपए 30-40 रुपए
कद्दू 12-18 रुपए 28-30 रुपए
बैंगन 15-25 रुपए 45-50 रुपए
हरी मिर्च 15-24 रुपए 35-40 रुपए
शिमला मिर्च 50-60 रुपए 80-90 रुपए
गाजर 15-20 रुपए 25-30 रुपए
मटर(हिमाचल) 95-100 रुपए 120-130 रुपए
मटर (पंजाब,रतलाम) 55-60 रुपए 70-80 रुपए
बालोर की फली 50-60 रुपए 70-80 रुपए
ग्वार फली 60-70 रुपए 85-90 रुपए
मोगरी 50-60 रुपए 70-80 रुपए
तोरई 30-35 रुपए 45-50 रुपए
धनिया 40-50 रुपए 60-70 रुपए
पालक 30-40 रुपए 60-70 रुपए
मेथी 25-30 रुपए 35-40 रुपए
बथुआ 20-25 रुपए 35-45 रुपए
हरा प्याज (पत्तीदार) 15-20 रुपए 30-35 रुपए
खीरा (देसी) 10-15 रुपए 20-25 रुपए
खीरा पॉलीहाउस 20-25 रुपए 30-35 रुपए
शकरकंद 10-15 रुपए 20-25 रुपए
फूल गोभी 35-40 रुपए 50-55 रुपए
पत्तागोभी 20-25 रुपए 30-35 रुपए

टमाटर के दाम हुए दोगुने

हरी सब्जियों की भारी आवक के बीच टमाटर इस समय सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। पिछले 7–8 दिन में इसके दाम दोगुने हो चुके हैं। कुछ दिन पहले तक टमाटर 20–25 रुपए किलो बिक रहा था, लेकिन अब थोक में 50–55 रुपए किलो और रिटेल में 70–80 रुपए किलो तक पहुंच गया है।

आवक घटी, इसलिए बढ़े दाम

मुहाना मंडी में टमाटर की डेली आवक इस समय 8–10 बड़ी गाड़ियां, जबकि 20–25 छोटी गाड़ियां कुल मिलाकर 200–250 टन प्रतिदिन आ रहा है। सर्दियों में सामान्य तौर पर यहां 500–600 टन टमाटर रोज आता है, लेकिन इस बार टमाटर की आवक आधी ही रह गई है।

इस बार पालक, गोभी, धनिया, मेथी और मटर जैसी सब्जियों के दाम सामान्य से काफी ऊपर है।
इस बार पालक, गोभी, धनिया, मेथी और मटर जैसी सब्जियों के दाम सामान्य से काफी ऊपर है।

अक्टूबर में हुई बारिश ने बिगाड़ा खेल

जयपुर फल और सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि मुहाना मंडी में टमाटर आमतौर पर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से आता है। अक्टूबर की बारिश ने इन इलाकों में फसल खराब कर दी, जिससे उत्पादन कम हो गया। जितना टमाटर आना चाहिए था, उसकी आधी मात्रा ही बाजार में पहुंच पा रही है।

हरी सब्जियों के दाम भी इस बार ज्यादा

मंडी व्यापारियों का कहना है कि इस बार पालक, गोभी, धनिया, मेथी और मटर जैसी सब्जियों के दाम सामान्य से काफी ऊपर है। यह वही सब्जियां हैं जो हर साल सर्दियों में 10–20 रुपए किलो तक आसानी से मिल जाती थी। लेकिन इस बार इनकी कीमतें दोगुनी हो चुकी है।

इसके पीछे मुख्य वजह

  • अक्टूबर में बारिश
  • शादी सीजन में बढ़ी मांग
  • कुछ इलाकों में फसल का नुकसान
  • मटर के भाव में गिरावट, लेकिन अब भी महंगा

पिछले दिनों 140–150 रुपए किलो तक बिक रहा मटर अब 60–70 रुपए किलो तक पहुंच गया है। इसकी वजह है कि अब पंजाब से आवक शुरू हो गई है। पहले केवल हिमाचल से ही मटर आ रहा था, जिससे कमी बनी हुई थी।

अब तीन राज्यों हिमाचल, पंजाब और एमपी (रतलाम) से आवक बढ़ी है, इसलिए कीमतें कुछ कम हुई हैं। हालांकि, हिमाचल का मटर अब भी सबसे अच्छी क्वालिटी का माना जा रहा है, इसलिए उसका भाव ऊंचा है।

बाजार में 10 रुपए किलो मिलने वाली सब्जियां भी हुई महंगी

मंडी व्यापारियों के अनुसार, सर्दियां को सब्जियों का सीजन माना जाता है, जब आवक बढ़ने से दामों में गिरावट आती है। लेकिन इस बार लौकी, कद्दू, बैंगन, खीरा, बथुआ, मेथी, हरा प्याज जैसी सब्जियां, जो सामान्यतः 10–15 रुपए किलो बिकती थी, अब हर जगह 10 रुपए किलो से ऊपर मिल रही है।

टमाटर के भाव सबसे ज्यादा प्रभावित, अन्य सब्जियां भी महंगी

मुहाना मंडी में आवक भले ही बढ़ रही हो, लेकिन बारिश और कम उत्पादन की वजह से इस बार सब्जियां सस्ती होने का फायदा उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा। टमाटर के दाम फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि मटर, पालक, गोभी और धनिया जैसी हरी सब्जियां भी महंगी बनी हुई है।

यदि अगले महीने नई फसल समय पर बाजार में पहुंचती है, तो दिसंबर के मध्य से सब्जियों के दामों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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