भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में संचालित ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ कार्यक्रम की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर श्री उत्सव कौशल ने कामां विधानसभा क्षेत्र का सघन दौरा किया। उन्होंने कामां शहर, उपखंड अधिकारी कार्यालय और कनवाड़ा में डिजिटाइजेशन प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की समीक्षा की।
कामां एवं कनवाड़ा में मैदानी हकीकत का अवलोकन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अपने दौरे के दौरान महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, कनवाड़ा और कामां शहर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचकर बूथ लेवल अधिकारियों की कार्यप्रणाली को परखा। उन्होंने उपखंड अधिकारी कार्यालय, कामां में समीक्षा बैठक के दौरान अब तक की प्रगति का विश्लेषण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मैदानी स्तर पर आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का तत्काल निराकरण करें।
प्रपत्रों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन एवं फॉर्म 6 व 8 का संकलन
निरीक्षण के दौरान श्री कौशल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्य को अंतिम तिथि के लिए लंबित न रखें, बल्कि ‘समयबद्ध’ रूप से पूर्ण करें। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे के दौरान बीएलओ न केवल गणना प्रपत्र भरें, बल्कि पात्र नागरिकों से फॉर्म 6 (नव पंजीकरण) और फॉर्म 8 (संशोधन/स्थानांतरण) भी अनिवार्य रूप से भरवाकर साथ लाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
जनजागरूकता एवं ऑनलाइन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के निर्देश

जिला निर्वाचन अधिकारी ने आयोग की डिजिटल पहलों को जन-जन तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि voters.eci.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने आयोग द्वारा शुरू की गई नई सुविधा ‘Search by Name’ (नाम से खोजें) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे मतदाता बिना किसी दस्तावेज के अपना विवरण खोज सकें।
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की सक्रिय भूमिका
युवा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु श्री कौशल ने शिक्षण संस्थाओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों तक अधिकाधिक पहुंच बनाई जाए।
शिक्षण संस्थानों में आयोग के पोर्टल के उपयोग और ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर आधारित लघु वीडियो प्रदर्शित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इस पहल से अधिक से अधिक युवा मतदाता और तकनीकी रूप से सक्षम नागरिक आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे और प्रक्रिया में तेजी आएगी।






