जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-10 में ईकोलोजिकल जोन आगरा रोड़ तिलक हॉस्पिटल के पीछे, चाणक्यपुरी में तृतीय और चतुर्थ फ्लोर के अवैध निर्माण की पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। ईकोलोजिकल जोन में निजी खातेदारी की करीब 09 बीघा कृषि भूमि पर 04 नवीन अवैध कॉलोनियों का पूर्णतः ध्वस्त किया गया। जोन-11 में रिंग रोड़ से ग्राम नेवटा खटवाडा महेन्द्रा सेज में 200 फीट सेक्टर रोड़ सीमा को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।
उप महानिरीक्षक पुलिस, राहुल कोटोकी ने बताया कि जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित आगरा रोड़, तिलक हॉस्पिटल के पीछे चाणक्यपुरी प्लॉट नं. 20, 21 व 22 में तृतीय और चतुर्थ फ्लोर के अवैध निर्माण किये जाने पर पर निर्माणकर्ता को धारा 32, 33 जेडीए एक्ट के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने हेतु पाबंद किया गया था। परन्तु निर्माणकर्ता द्वारा अवैध निर्माण नहीं हटाने पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर धारा 34 (क) का नोटिस जारी कर उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देशन में आज दिनांक 05.12.2025 को उक्त अवैध निर्माण के प्रवेश द्वारों, सीढ़ियों को इंजीनियरिंग शाखा की मदद से ईटों की दीवारों से चुनवाकर गेटों पर ताला सील चपडी लगाकर नियमानुसार पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई।
जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित लुनियावास में बान्यावाली ढ़ाणी, जिला जयपुर में करीब 01 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘बजरंग विहार’’ के नाम से बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सड़कें, प्लॉटों की बाउण्ड्रीवाल व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होने पर उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देशन में आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।
जेडीए द्वारा जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित ग्राम बगराना, जिला जयपुर में करीब 04 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘श्रीजी विहार’’ के नाम से बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सड़कें, प्लॉटों की बाउण्ड्रीवाल, पिल्लर गाडकर व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होने पर उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देशन में आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।

जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित ग्राम बगराना, जिला जयपुर में ही करीब 02 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘शिव विहार’’ के नाम से बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सड़कें, प्लॉटों की बाउण्ड्रीवाल व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होने पर उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देशन में आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।
जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित ग्राम सुमेल, जिला जयपुर के खसरा नं. 377/811 में करीब 02 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को पूर्व में ध्वस्त किया गया था। उक्त कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर पुनः बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सड़कें व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होने पर उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देषन में आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही पुनः ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।

जोन-11 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित रिंग रोड़ से ग्राम नेवटा खटवाडा महेन्द्रा सेज 200 फीट सेक्टर रोड़ सीमा पर अतिक्रमण कर 119मीटर× 25 मीटर की, सीमेन्ट के ब्लॉक की दीवार बनाकर व लोहे के गेट लगाकर अतिक्रमण किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमण को उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देशन में आज जोन-11 के राजस्व, तकनीकी स्टॉफ पटवारी की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त कर हटवाया जाकर रोड सीमा को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। उक्त कार्यवाहियां मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-प्रथम, चतुर्थ, प्रवर्तन अधिकारी जोन-10, 11 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।





