अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने आज वैशाली नगर में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत आवंटित गुमटियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेसीबी से जमींदोज कर दिया। एडीए ने लगभग 35 से ज़्यादा गुमटियों को ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई से नाराज़ दुकानदारों ने हंगामा किया और जेसीबी के सामने धरने पर बैठ गए। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एडीए के उपयुक्त अनिल चौधरी, सीओ शिवम जोशी, तीन थानों के थाना प्रभारी, एडीए कर्मचारी और 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई, जिसमें मास्टर प्लान रोड के तहत सड़क से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत 2002 में वैशाली नगर के चौरसियावास रोड से पेट्रोल पंप के मोड़ तक सड़क किनारे गुमटियां आवंटित की गई थीं, जिनकी अवधि 2012 में समाप्त हो चुकी थी। एडीए ने इसी आधार पर गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
सबसे पहले देखिए, कार्रवाई से जुड़ी 5 PHOTOS….





35 से ज्यादा गुमटियां हटाई एडीए उपयुक्त अनिल चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश अनुसार जो मास्टर प्लान के तहत जितने भी अतिक्रमण है उनको हटाने के तहत आज वैशाली नगर में यह कार्रवाई की गई। करीब 35 से ज्यादा गुमटियां लीज पर दी गई थी।
जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है। इन्हें खाली करने की चेतावनी भी दी गई थी। आज जेसीबी के जरिए यह कार्रवाई की गई। अब इस मामले में नगर निगम से तालमेल कर दुकानदारों के लिए विकल्प व्यवस्था करने का भी प्लान किया जा रहा है।
दुकानदारों ने किया विरोध, कुछ नहीं धरना दिया कार्रवाई के दौरान दुकानदारों के द्वारा मौके पर कार्रवाई विरोध का सामना भी प्रशासन और पुलिस को करना पड़ा। एडीए प्रशासन और पुलिस के द्वारा समझाइश का प्रयास किया गया। कुछ दुकानदारों ने अपनी गुमटी के बाहर धरना भी दिया।
दुकानदार शफीक अहमद अंसारी ने बताया कि बिना नोटिस के यह कार्रवाई की गई है। करीब 25 साल से वह गुमटी का संचालन कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद उनके परिवार में आर्थिक संकट आ चुका है।






