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अमृत भारत स्टेशन योजना में राजस्थान के रेलवे स्टेशनों को मिली नई पहचान:— मदन राठौड़

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान के रेलवे स्टेशनों पर होने वाले कार्यों को लेकर सदन में महत्वपूर्ण सवाल लगाया। राठौड़ के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना एक अल्पकालिक परियोजना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर आधारित एक सतत और चरणबद्ध सुधार प्रक्रिया है। इस योजना का मूल उद्देश्य देश के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करना, उन्हें शहर के विकास से जोड़ना और यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना है। इसके तहत हर स्टेशन के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाता है, जिसे स्थानीय जरूरतों और यात्री यातायात को ध्यान में रखते हुए लागू किया जाता है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राजस्थान के संदर्भ में यह योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य का भौगोलिक विस्तार बड़ा है और पर्यटन, व्यापार व तीर्थाटन के लिहाज से यहां रेलवे की भूमिका अत्यंत अहम है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अब तक पूरे देश में 1337 स्टेशनों की पहचान की गई है, जिनमें से 85 स्टेशन अकेले राजस्थान में स्थित हैं। यह आंकड़ा स्वयं में इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार राजस्थान को रेल अवसंरचना के क्षेत्र में प्राथमिकता दे रही है। आबू रोड से लेकर उदयपुर सिटी तक, अजमेर से बीकानेर और जयपुर से श्रीगंगानगर तक राज्य के लगभग हर क्षेत्र को इस योजना से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत राजस्थान के चयनित स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। इसमें स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण, स्वच्छ और आधुनिक प्रतीक्षालय व शौचालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी की बेहतर सुविधा, लिफ्ट और एस्केलेटर, प्लेटफॉर्म शेल्टर, फुट ओवर ब्रिज और सब—वे जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कियोस्क भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि मोदी सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना से राजस्थान में कई स्टेशनों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। बूंदी, डीडवाना, फतेहपुर शेखावाटी, गोगामेड़ी, गोविंदगढ़, जैसलमेर, खैरथल, मंडलगढ़, मेड़ता रोड जंक्शन और झुंझुनूं जैसे 10 स्टेशन पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। वहीं बीकानेर, गांधीनगर जयपुर, जयपुर जंक्शन और उदयपुर सिटी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर निर्माण और उन्नयन कार्य तीव्र गति से जारी है। इन कार्यों में नए प्रवेश द्वार, बेसमेंट विकास, प्लेटफॉर्म पुनर्निर्माण, लिफ्ट स्थापना और आधुनिक फिनिशिंग शामिल है, जो आने वाले समय में इन स्टेशनों को आधुनिक ट्रांजिट हब में बदल देगा।

उन्होंने बताया कि यह पूरी योजना शीर्ष-53 ‘यात्री सुविधाओं’ के अंतर्गत वित्तपोषित है और इसमें क्षेत्रीय रेलवे के आधार पर बजट आवंटन किया जाता है। राजस्थान पांच क्षेत्रीय रेलवे उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन क्षेत्रीय रेलों के लिए 5,257 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जिसमें से अक्टूबर 2025 तक 2,829 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं। यह दर्शाता है कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि ठोस वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को जमीन पर उतार रही है।

राठौड़ ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना राजस्थान के लिए केवल रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास का मजबूत आधार है एवं मोदी सरकार का स्पष्ट विजन, मजबूत वित्तीय समर्थन और योजनाबद्ध क्रियान्वयन यह साबित करता है कि देश की रेलवे व्यवस्था को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सरकार पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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