राज्य सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में,पर्यटन विभाग, राजस्थान एवं जिला प्रशासन,डीग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया।इस अवसर पर जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने डीग की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर ‘जल महल’ प्रांगण में स्वयं झाड़ू लगाकर श्रमदान किया और स्वच्छता के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने हाथों में झाड़ू थामकर जल महल परिसर की सफाई की और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डीग का जल महल न केवल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है,बल्कि यह ब्रज क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।राज्य सरकार की ‘पंच गौरव’ पहल के तहत चयनित पर्यटन स्थलों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता है।जब हमारे पर्यटन स्थल स्वच्छ और सुंदर होंगे तो न केवल देश-विदेश से आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी,बल्कि डीग का नाम भी वैश्विक पटल पर और अधिक रोशन होगा।
श्रमदान से दिया ‘स्वच्छता ही सेवा’ का मंत्र
बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने स्वयं कचरा पात्र में कचरा डालकर और परिसर के कोनों की सफाई कर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि “ऐतिहासिक स्मारकों की दीवारों और परिसरों को साफ रखना, हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास को सुरक्षित रखने जैसा है।”
प्लास्टिक मुक्त पर्यटन का आह्वान
अभियान के दौरान नगर परिषद और प्रशासन की टीमों द्वारा ‘प्लास्टिक बहिष्कार’ और पर्यावरण संरक्षण के बैनरों के माध्यम से जागरूकता भी फैलाई गई।जिला कलेक्टर ने आमजन और पर्यटकों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा बनाए रखें और परिसर में प्लास्टिक का उपयोग न करें।
ये रहे मौजूद
इस व्यापक सफाई अभियान में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी,पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि,नगर परिषद डीग की टीम और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सभी ने मिलकर जल महल के मुख्य द्वारों,बगीचों और बाहरी परिसर को पूरी तरह से साफ-सुथरा कर इसे एक नई चमक प्रदान की।






