राजस्थान माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में स्थानीय दस्तकारों के कौशल विकास हेतु आयोजित 10-दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को भव्य समापन हुआ।बृजनगर स्थित पंवार मैरिज होम में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम थे,जबकि अध्यक्षता राजस्थान माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक ने की।
तकनीक से बदलेगी दस्तकारों की तकदीर
समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दस्तकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 45 इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें (पग-मिल) वितरित की गईं।
मुख्य अतिथि जवाहर सिंह बेढम ने दस्तकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कलाओं को पुनर्जीवित करने और शिल्पकारों की आय बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:”मिट्टी से कलाकृतियां बनाना एक पवित्र कार्य है। अब बिजली के चाक और आधुनिक मशीनों के उपयोग से न केवल शारीरिक श्रम कम होगा,बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में भी सुधार आएगा। तकनीक के इस समावेश से हमारे शिल्पकार आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगे।”
परंपरा और आधुनिकता का संगम
बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि माटीकला बोर्ड का लक्ष्य राजस्थान की इस विलक्षण कला को वैश्विक पहचान दिलाना है।उन्होंने दस्तकारों को बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
कार्यक्रम का आगाज अतिथियों द्वारा मां यादे माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
10 दिनों तक चले इस शिविर में दस्तकारों को मिट्टी के नए डिजाइन, फिनिशिंग और बाजार की मांग के अनुरूप आधुनिक उत्पाद बनाने के विशेष गुर सिखाए गए।
इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी सतीश बंसल,तहसील अध्यक्ष विश्राम सिंह, बदन सिंह,मोहन प्रजापति (सीकरी), कोकीराम,पुष्पेन्द्र पाटका, रामलाल, सोनू गालव,कैलाश सहित बड़ी संख्या में दस्तकार और महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रजापति समाज,बृजनगर के अध्यक्ष ठाकुर सिंह द्वारा किया गया।






