जोधपुर के रामलीला मैदान (रावण चबूतरा) में आयोजित हो रहे 35वें पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026 का आज औपचारिक उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह मेला स्थल पहुंचकर उत्सव का उद्घाटन किया। मेले में लगी स्टॉल्स व ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित विशेष डोम का अवलोकन किया। 25 दिसंबर से शुरू हुए इस 10 दिवसीय उत्सव में 15 डोम में 800 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जिनमें उद्योग, हस्तशिल्प, पंच गौरव उत्पाद और सैन्य हथियारों की प्रदर्शनी शामिल है।
उत्सव के मुख्य संयोजक महावीर चोपड़ा ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा उद्योग मेला आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली और राज्य पशु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद हैं।
सेंट्रल पांडाल में पश्चिमी राजस्थान के उद्योगों की प्रदर्शनी
लघु उद्योग भारती के प्रांत महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई ने बताया कि नोडल एजेंसी लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी मुख्यमंत्री का स्वागत करेंगे और उन्हें सेंट्रल पांडाल में ले जाएंगे। सेंट्रल पांडाल में पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसके माध्यम से क्षेत्र की आर्थिक क्षमता और उद्यमिता को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मेले में लगे विभिन्न डोम का जायजा लिया, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित विशेष डोम प्रमुख आकर्षण है। इस डोम में भारतीय सेना के प्रमुख वेपन ब्रह्मोस और एस-400 की प्रतिकृति लगाई गई है, साथ ही आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी भी रखी गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार की पंच गौरव पहल के तहत हर जिले के प्रमुख उत्पाद, खेल, कृषि उत्पाद, पर्यटन स्थल और वन उत्पाद को प्रदर्शित करने वाला विशेष डोम भी मुख्यमंत्री देखेंगे।
आत्मनिर्भर भारत और युवा उद्यमिता पर फोकस
उत्सव में आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी लाइव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाई गई हैं, जहां मौके पर ही विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। युवाओं को सैन्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बीएसएफ, आर्मी और एयरफोर्स की भर्ती प्रक्रियाओं और गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विशेष काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।
करीब 220 स्टॉल्स केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए आरक्षित हैं, जहां योजनाओं, सब्सिडी और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। मेले में आने वालों के लिए बोइंग विमान पर सेल्फी की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जो आमजन के बीच बड़ा आकर्षण बन रही है।
सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है। डीसीपी पश्चिम विनीत कुमार बंसल, एडीसीपी पश्चिम रोशन लाल मीणा और एसीपी छवि शर्मा ने सीएम सिक्योरिटी के साथ मेला स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की और सभी सुरक्षा बिंदुओं की जांच की।
मेले में प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पुलिस बल तैनात किया गया है और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें भी तैयार रखी गई हैं। आयोजकों ने भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है, ताकि मुख्यमंत्री का दौरा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
प्रतिदिन बिजनेस सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले में रोजाना दोपहर में विभिन्न विषयों पर बिजनेस सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें MSME में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आत्मनिर्भर भारत, पंच गौरव योजना, महिला उद्यमिता और स्टार्टअप जैसे विषय शामिल हैं। शाम 7 बजे से 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होता है, जिसमें देशभक्ति गीत, राजस्थानी लोक नृत्य, फैशन शो, कॉमेडी और कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
महिलाओं और बच्चों के लिए रोजाना अलग-अलग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें मेहंदी, ड्राइंग, फैंसी ड्रेस, अग्निरहित पाककला, कशीदाकारी, गायन, चेस और पॉट पेंटिंग शामिल हैं। 4 जनवरी तक चलने वाले इस उत्सव में हजारों आगंतुकों के आने की उम्मीद है।






