Home » राजस्थान » वसुंधरा राजे समर्थक नेता से नगर निगम ने लगवाए चक्कर:भाई का डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया, सोशल मीडिया पोस्ट कर सवाल उठाए तो तुरंत जारी हुआ

वसुंधरा राजे समर्थक नेता से नगर निगम ने लगवाए चक्कर:भाई का डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया, सोशल मीडिया पोस्ट कर सवाल उठाए तो तुरंत जारी हुआ

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समर्थक बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता कैलाश नाथ भट्ट को उनके सगे भाई का डेथ सर्टिफिकेट के लिए जयपुर नगर निगम ने चक्कर लगवा दिए। भट्ट ने फेसबुक पोस्ट करके नगर निगम की लचर व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। इसके कुछ ही घंटे बाद उनके भाई का डेथ सर्टिफिकेट जारी हो गया। भट्ट के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स खूब कमेंट कर रहे हैं।

इससे पहले कैलाश नाथ भट्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए जयपुर नगर निगम के सांगानेर दफ्तर के कामकाज की शैली पर सवाल उठाए। भट्ट ने लिखा- वेदना है। मेरे बड़े भाई साहब की मृत्यु 3 दिसंबर 2025 को हुई, सांगानेर,जयपुर ​नगर निगम के कार्यालय में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मुझे और भाभीजी को दो चक्कर लगाने पड़े। श्मशान वाले को भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गलती एक ही है, मैं दलाल के माध्यम से प्राप्त नहीं कर रहा हूं। आमजन के साथ क्या हो रहा होगा?

इससे पहले भट्ट ने अपने बड़े भाई के डेथ सर्टिफिकेट के लिए जयपुर ​नगर निगम में किए गए आवेदन की कॉपी सोशल मीडिया पर शेयर की। जवाब में लिखा- आदरणीय भाईसाहब सही कहा है। मैं भी मेरे पिताजी के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम में चार बार गया। श्मशान से फॉर्म भी चला गया। बार बार कमी बताते गए। फिर पैसे की डिमांड की। मैंने फस्ट क्लास मजिस्ट्रेट का एफीडेविट देकर मृत्यु प्रमाण पत्र लिया। निगम के कर्मचारी मृत्यु प्रमाण की भी रिश्वत लेते हैं यही हाल है।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ कैलाश नाथ भट्ट।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ कैलाश नाथ भट्ट।

भट्ट ने लिखा- आमजन को चक्कर नहीं लगाने पड़ें, ऐसी व्यवस्था हो

कैलाश नाथ भट्ट की इस पोस्ट के कुछ देर बाद उनके भाई का डेथ सर्टिफिकेट जारी हो गया। बीजेपी नेता ओमेंद्र सिंह राघव ने उनके भाई के डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी पोस्ट की। इसके बाद कैलाश नोट भट्ट ने लिखा- जिस गति से आज, मुझे मेरे भाई साहब का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। आमजन को भी चक्कर न लगाने पड़े। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। इस प्रकार न्याय आम नागरिक को मिले। इसी भावना से विवश होकर मुझे यह पोस्ट डालनी पड़ी। कुछ कर्मचारी और अधिकारियों के व्यवहार से आमजन में सरकार की बदनामी न हों ऐसे कर्मचारी पर‌ कार्रवाई होनी चाहिए।

कैलाश नाथ भट्ट ने सर्टिफिकेट जारी होने से पहले सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।
कैलाश नाथ भट्ट ने सर्टिफिकेट जारी होने से पहले सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।

लोगों ने उठाए सरकारी व्यवस्था पर सवाल, यूजर्स ने किए तल्ख कमेंट

कैलाश नाथ भट्ट की पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने जवाबी कमेंट करते हुए सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और काम की लचर गति पर सवाल उठाए। जयंत पटवर्धन ने लिखा- माननीय सत्यकथन हेतु साधुवाद। यह नैतिक गिरावट इतनी व्यापक और निर्लज्जता की हद तक मान्यता प्राप्त है कि दूर दूर तक कोई नहीं बचा। आत्मसंयम, साहस, स्पष्टवादिता और सात्विक सांगठनिक सामर्थ्य ही अगर कोई आशा की किरण दिखा सके तो हो सकता है। परंतु यह निर्भीकता ऐतिहासिक रुप से भी भारतीय समाज में तुलनात्मक रूप से दुर्लभ ही प्राप्त होती है।

शशि कुमार यादव ने लिखा- आपके राज में आपके साथ ये दुर्व्यवहार शर्मनाक है,र वह भी मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में,घोर निराशाजनक। प्रकाश ठाकुरिया ने लिखा- आपने सही कहा आदरणीय भाईसाब। मेरी बिटिया के जन्म प्रमाण पत्र को करेक्शन करवाने के लिए मुझे करीब 4 माह से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

बद्री प्रसाद ने लिखा- आदरणीय सत्ता बदली है व्यवस्था नहीं। व्यवस्था बदलने में पार्टी, संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका शून्य है। केवल बहती गंगा में हाथ धोने वालों की फौज खड़ी है, जिनका पार्टी के सिद्धांत, शुचिता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से कोई नाता नहीं है। मोदी ने भारत की जनता को समृद्धि , सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए एक कोटेशन दिया था। यह सरकार, प्रशासन और संगठन के लिए स्पष्ट संदेश था। कोई कार्य आम जनता के सरलता पूर्ण जीवन जीने के अधिकार से जुड़ा हो, मैं ही क्यों करू? इसमें मेरा क्या लाभ?

प्रमोद माथुर ने लिखा- बचपन से अपने और हमने सब ने मिलकर हमारी अपनी सरकार बनाने की कोशिश की और आज ही दशा देखकर अति दुख होता है। लोगों के बीच में जा जाकर संगठन को मजबूत बनाया और आज हम लोग ही इस प्रकार से परेशान हैं। आम पब्लिक का क्या होगा। उसका तो गोविंद मालिक, क्षमा करना।

डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद किया गया पोस्ट।
डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद किया गया पोस्ट।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

सीकर में प्रवर्तन निदेशालय में राहत दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी उत्तम पाण्डेय गिरफ्तार

*सीकर में प्रवर्तन निदेशालय में राहत दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी उत्तम पाण्डेय