जोधपुर पुलिस की डीएसटी पश्चिम और प्रतापनगर सदर थाने की संयुक्त टीम ने देर रात घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में दो खूंखार अपराधियों को धर दबोचा, जो फरार चल रहे थे।
ये दोनों आरोपी इलाके के कुख्यात गुंडे हैं, जिनके नाम पर कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। वे आम लोगों में दहशत का दूसरा नाम बन चुके थे और पुलिस की टॉप-10 मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
15 दिसंबर को प्रतापनगर सदर थाने में पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि 14 दिसंबर की शाम करीब 6:45 बजे आरोपी एकजुट होकर उसके घर में घुस आए। उन्होंने पीड़िता के साथ गाली-गलौज, मारपीट की, उसके कपड़े फाड़े, नाबालिग बेटी पर हमला किया और उसे अगवा करने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, घर के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े और पत्थरबाजी कर पूरे इलाके में आतंक मचा दिया।
इस मामले में पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। मुख्य फरार आरोपी संजय परिहार और मुकेश उर्फ मयूर लंबे समय से फरार चल रहे थे।

दिल्ली से जोधपुर तक पीछा, बदला हुलिया भी नहीं आया काम
आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रताप नगर सदर थानाधिकारी गोविंद व्यास और डीएसटी प्रभारी महेंद्र सिंह की अगुवाई में एक स्पेशल टीम बनाई गई।
मुखबिर से मिली टिप पर टीम को पता चला कि दोनों दिल्ली में छिपने की कोशिश कर रहे हैं। टीम फौरन दिल्ली पहुंची, लेकिन आरोपियों को भनक लग गई और वे भाग निकले।
बाद में सूचना मिली कि वे ट्रेन से जोधपुर की ओर लौट रहे हैं। टीम ने लगातार पीछा करते हुए जोधपुर रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। हुलिया बदलने की कोशिश की थी, लेकिन सख्त पूछताछ में उनकी असली पहचान सामने आ गई। संजय परिहार प्रतापनगर सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जबकि मुकेश सूरसागर थाने का।
इनको किया गिरफ्तार
1. संजय परिहार (24) पुत्र गजेंद्र परिहार, निवासी एलएल कॉलोनी, थाना प्रतापनगर सदर, जोधपुर पश्चिम।
2. मुकेश उर्फ मयूर (25)पुत्र नेमीचन्द, निवासी राजबाग, थाना सूरसागर, जोधपुर पश्चिम।






