जयपुर में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग सट्टा मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। जांच में गिरोह के दुबई आधारित संचालकों से संपर्क होने का खुलासा हुआ है।
अब तक की जांच में 50 से अधिक फर्जी बैंक खाते सामने आए हैं।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे वज्र प्रहार 2.0 अभियान के तहत जयपुर वेस्ट पुलिस ने बुधवार को यह कार्रवाई की।
इंस्टाग्राम से फंसाते थे लोगों को, ‘criccode’ वेबसाइट का करते प्रचार पुलिस थाना चित्रकूट की जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम से “criccode” नामक वेबसाइट का प्रचार करते थे। इसे वेरिफाइड ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म बताकर लोगों को गेम पर पैसा लगाने और मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया जाता था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से UPI और बैंक खातों के जरिए रकम मंगवाई जाती थी। इसे ऑनलाइन सट्टा साइट्स पर लगाया जाता था।
दुबई से मिलती थी मास्टर आईडी, 50 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते जांच में खुलासा हुआ कि पूरे नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जा रहा था। दुबई में बैठा ‘जेक’ नाम का व्यक्ति वर्चुअल नंबरों के जरिए आरोपियों को मास्टर आईडी उपलब्ध कराता था।
अब तक की जांच में 50 से अधिक फर्जी बैंक खाते सामने आए हैं। इनमें 2 लाख रुपए से अधिक की राशि होल्ड करवाई जा चुकी है। फर्जी खातों के संबंध में साइबर सेल जयपुर पश्चिम कार्रवाई कर रही है।

5 आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर, अजमेर और नागौर जिले के निवासी शामिल हैं। इनमें साहिल खान ( 22) निवासी मिडास रेजीडेंसी वैशाली नगर जयपुर मूल निवासी: किशनगढ़ अजमेर, इब्राहिम खान (19) निवासी बांटड़ी हमीदपुर जिला नागौर, दौलत अली (25) निवासी बांटड़ी हमीदपुर जिला नागौर, इमरान खान (25) निवासी बांटड़ी हमीदपुर जिला नागौर और जाकिर हुसैन (25) निवासी बांटड़ी हमीदपुर जिला नागौर को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से लैपटॉप, 13 मोबाइल फोन, पासबुक, 15 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड और वाई-फाई राउटर जब्त किए।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम कार्रवाई में पुलिस थाना चित्रकूट और जयपुर वेस्ट की विभिन्न शाखाओं की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान का नेतृत्व पुलिस थाना चित्रकूट के थानाधिकारी देवेंद्र प्रताप ने किया।
टीम में पुलिस निरीक्षक गणेश सैनी (डीएसटी जयपुर पश्चिम), उप निरीक्षक प्रियंका (पुलिस थाना चित्रकूट), हेड कॉन्स्टेबल छोटूराम, हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र कुमार (पुलिस थाना वैशाली नगर) शामिल रहे। साथ ही कॉन्स्टेबल भंवर लाल, कॉन्स्टेबल बहादुर (तकनीकी शाखा), कॉन्स्टेबल पूरण मल (साइबर सेल), महिला कॉन्स्टेबल मंजू, महिला कॉन्स्टेबल ममता, कॉन्स्टेबल रोशन कुमार, कॉन्स्टेबल आशिष कुमार, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार (डीएसटी) और कॉन्स्टेबल राजेश कुमार (पुलिस थाना चित्रकूट) ने कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। तकनीकी सहयोग में योगिता वरदानी, तकनीकी सहायक साइबर सेल का विशेष योगदान रहा।
साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई जारी जयपुर पश्चिम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा वेबसाइटों से दूर रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या विज्ञापन के झांसे में न आएं। साइबर ठगी से संबंधित जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
कार्रवाई साइबर सेल, तकनीकी शाखा और डीएसटी टीम जयपुर पश्चिम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






