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कांग्रेस की राजनीति विभाजन, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की प्रतीक:– मदन राठौड

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा की जा रही निराधार और भ्रामक बयानबाजी पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का मूल स्वभाव ही हर घटना में राजनीति खोजने, समाज को बांटने और अपराधियों को संरक्षण देने का रहा है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी समाज को जोड़ने का प्रयास नहीं किया, बल्कि हमेशा भड़काने और तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे स्वाभाविक रूप से समाज में असंतोष और दूरियां पैदा होती हैं। एक वर्ग विशेष के लोगों द्वारा अपराध किए जाने के बावजूद उन्हें संरक्षण देना सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि न्याय का सिद्धांत यह होना चाहिए कि जो भी दोषी हो, उसे दंड मिले, चाहे वह किसी भी दल या समाज से हो। अपना व्यक्ति गलत करे तो संरक्षण और दूसरा गलत करे तो कार्रवाई यह नीति न तो लोकतांत्रिक है और न ही नैतिक। राठौड़ ने कहा कि आज देश देख रहा है कि बंगाल सहित कई राज्यों में खुलेआम हिंसा और अपराध हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस जैसे दल अपराधियों के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस तरह की राजनीति की आज आवश्यकता है?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता पाने का साधन नहीं, बल्कि उसमें आदर्श, गुणवत्ता, राष्ट्रीय चरित्र और सार्वजनिक आचरण होना चाहिए। जनता उसी राजनीति को पसंद करती है जो व्यवहार, विचार और कार्य—तीनों में संतुलित और नैतिक हो। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, पनडुब्बी घोटाला, जीप घोटाला, बोफोर्स घोटाला, चारा घोटाला—सूची इतनी लंबी है कि कहा जा सकता है आकाश से पाताल तक घोटाले ही घोटाले कांग्रेस की पहचान रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने महाराष्ट्र में सार्वजनिक मंच से यह तक कह दिया था कि “घोटाले हो रहे हैं, चिंता मत करो, जनता भूल जाती है।” इससे कांग्रेस की सोच और मानसिकता पूरी तरह उजागर हो जाती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का ईमानदारी से प्रयास नहीं किया। बजरी माफिया की पैदाइश भी कांग्रेस शासन की देन है— न टेंडर, न पारदर्शिता, माफियाओं को खुली छूट। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने बजरी माफिया पर सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी, दंड और नियंत्रण की नीति अपनाई है। पूर्ववर्ती गहलोत शासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उस समय अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे। बजरी माफिया पनपे, आम नागरिकों को सड़कों पर कुचला गया, सड़कों पर खून बहा। गहलोत जी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल की ओर देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत के सामने ही तत्कालीन मंत्री डोटासरा पर शिक्षकों ने खुलेआम पैसे लेने-देने के गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस को पहले इन सवालों का जवाब देना चाहिए। राठौड़ ने दो टूक कहा कि भाजपा में न तो अपराधियों को संरक्षण मिलता है और न ही भ्रष्टाचार को सहन किया जाता है। भाजपा की राजनीति विकास, सुशासन और न्याय पर आधारित है और आगे भी जनता के विश्वास पर खरी उतरती रहेगी।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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