ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) एवं जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को बूंदी के भविष्य की विकास योजनाओं और आगामी राज्य बजट को लेकर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संवाद किया।
प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार बजट में जन-भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। इसीलिए सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार जिले के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध हैं। पिछले बजट की अधिकांश घोषणाओं का क्रियान्वयन धरातल पर शुरू हो चुका हैं। उन्होंने बूंदी शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नैनवां रोड़ पर प्रस्तावित फ्लाई ओवर की डीपीआर जल्द पूरी कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने और बूंदी बस स्टैंड की शिफ्टिंग की बाधाओं को विभागों के समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही, के.पाटन आरओबी की मरम्मत और भारतमाला प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके।
‘वीबी-जी राम जी’ ऐतिहासिक पहल
प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025’ को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह कानून पुरानी मनरेगा योजना का परिष्कृत रूप है, जो भ्रष्टाचार और लेटलतीफी जैसी कमियों को जड़ से समाप्त कर देगा।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को साल में 100 के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इस योजना के तहत अब केवल कच्चे काम नहीं होंगे, बल्कि जल संसाधन और पक्की सड़कों जैसी स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है, जिसमें एआई (AI), जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से कार्यों की निगरानी होगी और हर छह महीने में डिजिटल सोशल ऑडिट किया जाना अनिवार्य होगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना में श्रमिकों के हितों का ध्यान रखते हुए साप्ताहिक भुगतान को अनिवार्य किया गया है और दो सप्ताह से अधिक की देरी होने पर स्वतः मुआवजे का कड़ा प्रावधान रखा गया है।
बिजली और पानी की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए ऊर्जा राज्यमंत्री ने बताया कि जिले में बिजली सुदृढ़ीकरण के लिए जीएसएस निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं। नगर परिषद क्षेत्र में स्वीकृत तीन नए जीएसएस के लिए भूमि का आवंटन कर दिया गया है, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी और कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
इस दौरान नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहें।





