मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना में जयपुर जिले में संचालित ‘रास्ता खोलो अभियान’ अब ग्रामीणों एवं किसानों के लिए राहत का प्रतीक बन गया है। प्रशासन की संवेदनशील पहल से महज 14 महीनों से भी कम समय में जिले में वर्षों से बंद पड़े 1,508 रास्ते खुलवाए गए, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है।
रास्ता खोलो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी स्वयं अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 136 रास्ते खुलवाए गए। वहीं मौजमाबाद तहसील में 120 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देशन में प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी के तहत सहमति और समझाइश से गांवों, खेतों और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर 2024 से 10 जनवरी 2026 की अवधि में रास्ता खोलो अभियान के तहत फागी तहसील में सर्वाधिक 136 रास्ते खुलवाए गए। इसके पश्चात मौजमाबाद तहसील में 120, आंधी में 101, चौमूं में 91, शाहपुरा में 86, आमेर एवं जमवारामगढ़ में 80–80, दूदू में 78, माधोराजपुरा में 76, जोबनेर में 74, रामपुरा–डाबड़ी में 72, फुलेरा में 81, चाकसू में 82 रास्ते खुलवाए गए हैं।
वहीं, बस्सी में 77, किशनगढ़–रेनवाल में 65, कोटखावदा में 63, जालसू में 57, तूंगा में 50, सांगानेर में 27, कालवाड़ में 8 तथा जयपुर तहसील में 4 रास्ते खुलवाए गए हैं, जिससे जिले में वर्षों से अवरुद्ध आवागमन मार्ग पुनः सुचारु हुए हैं और ग्रामीणों को सीधी राहत मिली है, जिससे जिले में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों को सीधा लाभ मिला है।
आशीष कुमार ने बताया कि जिला कलक्टर ने रास्ते खुलने के पश्चात ग्रेवल एवं सीसी रोड निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों की अनुपालना में अब तक 300 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल रोड एवं 20 किलोमीटर से अधिक सीसी रोड का निर्माण कराया जा चुका है। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में परिवादियों को संबंधित न्यायालय से ही समाधान प्राप्त होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई एवं न्यायालयों में बड़ी संख्या में परिवाद सामने आते रहे हैं, जिससे आमजन को अनावश्यक रूप से समय, धन और संसाधनों की हानि होती थी तथा कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती थी। इन्हीं समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘रास्ता खोलो अभियान’ की शुरुआत की, जो अब जनविश्वास और प्रशासनिक संवेदनशीलता का सफल मॉडल बनकर उभरा है।






