राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधायक गोपाल शर्मा की नवीन कृति मेरी मुलाकाते का विमोचन करते हुए कहा कि यह पुस्तक ऐसे व्यक्तित्व की साक्षी है जो पत्रकारिता की स्याही से विधायिका के मंदिर को रोशन करता रहा है। उन्होंने कहा कि “मेरी मुलाकातें” अतीत और वर्तमान का पुल है। इसके हर पृष्ठ पर जीवन की सच्ची झलक मिलती है। यह पुस्तक नहीं, बल्कि अनुभवों का संग्रहालय है, जहां मुलाकातें केवल बातचीत नहीं, बल्कि इतिहास की धड़कनें हैं।
देवनानी ने डॉ. गोपाल शर्मा को शुभकामनायें देते हुए कहा कि वे ऐसे वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो राजस्थान की धरती पर दशकों से कलम की तलवार चला रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण भारत की पीड़ा को शहरी पन्नों तक पहुंचाया। सामाजिक न्याय, किसान आंदोलनों, राजनीतिक परिवर्तनों जैसे हर मुद्दे पर उनकी रिपोर्टिंग ने नीतियां बदलीं और फिर, विधायकी के प्रखर सिपाही के रूप में राजस्थान विधानसभा में आवाज बुलंद की। चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या ग्रामीण विकास उनकी बहसें सदन को झकझोरती है। डॉ. शर्मा केवल विधायक नहीं, बल्कि जनसेवा के जीवंत प्रतीक हैं। उनकी कृति का विमोचन अविश्वसनीय पल है।
देवनानी ने कहा कि इस पुस्तक में डॉ. शर्मा ने अपनी उन मुलाकातों को बुना है जो सामान्य जीवन को असामान्य बनाती हैं। पत्रकार की कलम से राजनेताओं, कलाकारों, संतों और आमजन के चेहरे इतिहास के पन्नों में उतर आते हैं। एक अध्याय में क्रांतिकारी की बातें जो स्वतंत्रता संग्राम की आग अभी भी जलाए रखे हुए हैं। दूसरे में एक किसान की व्यथा, जो मिट्टी से जुड़ी है। तीसरे में एक कलाकार का संगीत, जो आत्मा को झंकृत कर देती है।
देवनानी ने कहा कि पत्रकारिता और राजनीति का संगम जब इतनी सुंदरता से व्यक्त होता है, तो वह साहित्य बन जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब सोशल मीडिया की बाढ़ में सच्ची बातें डूब रही हैं, तब ऐसी पुस्तकें प्रकाश की किरण हैं। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए गुरुकुल साबित होगी। देवनानी ने कहा कि पत्रकार विधायक बन सकता है, लेकिन उसकी आत्मा कलम में ही बसती है। देवनानी ने कहा कि युवा इस पुस्तक को पढ़ेंगे और सोचेंगे। यही साहित्य की शक्ति है।





