मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की सेवाओं के माध्यम से ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों के लक्ष्यों को पूरा कर पाती है। महिला, युवा, मजदूर और किसान के कल्याण का मार्ग कार्मिकों की निष्ठा और समर्पण से ही प्राप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के कल्याण, उनके हितों की रक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए सदैव तत्पर है।
भजनलाल शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्मिक राज्य प्रशासन के आधार हैं, और कर्मचारी संगठन इस आधार को और मजबूत करते हैं। राज्य सरकार इन संगठनों के माध्यम से प्राप्त प्रदेश के कार्मिकों की आशाओं, अपेक्षाओं और सुझावों को यथासंभव बजट में स्थान देने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि विभाग अपनी विभागीय समितियों के माध्यम से कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी प्रशासनिक मांगों पर चर्चा कर उनका यथासंभव निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए कार्मिक विभाग में कर्मचारी कल्याण अनुभाग का गठन भी किया गया है। वहीं, नियमों एवं पदोन्नति से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु भी समय-समय पर आवश्यक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान की जा रही है।
लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी —
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी कल्याण के लिए अहम कार्य किए हैं। 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी भर्तियों के संकल्प को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गत दो वर्षों में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 52 हजार 453 और वाहन चालकों के 2 हजार 756 पदों पर भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करवाया गया। वहीं, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज लगभग 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियों का कैलेंडर भी जारी किया गया है।
सकारात्मक निर्णय, व्यापक राहत —
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय किए, जिससे व्यापक स्तर पर कार्मिकों और युवाओं को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रतीक्षा सूची की वैधता अवधि को 6 महीने बढ़ाकर एक साल करने के साथ ही मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति आवेदन की समय-सीमा को 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किया गया है। वहीं, 31 दिसंबर 2022 से पहले अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले ऐसे कर्मचारी, जो निर्धारित अवधि में टंकण परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके थे, उन्हें दो अतिरिक्त अवसर प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों को पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निर्धारित अनुभव में 2 वर्ष की छूट प्रदान की है। वहीं, आरजीएचएस के अंतर्गत मेडिकल लाभ की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुष कार्मिकों को अपने माता-पिता अथवा सास-ससुर में से किसी एक का विकल्प चुनने का अधिकार भी दिया गया है।
बजट पूर्व संवाद में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत), अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ, राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ, राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ, राजस्थान सचिवालय निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ, राजस्थान सचिवालय सहायक कर्मचारी संघ, राजस्थान सचिवालय अधिकारी सेवा संघ, राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय, भारतीय मजदूर संघ, अखिल राजस्थान दिव्यांग कर्मचारी महासंघ, राजस्थान पटवार संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों एवं महासंघों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए और विकसित राजस्थान के लक्ष्य की प्राप्ति में निष्ठा और समर्पण से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्मिक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री के निर्णयों को सराहा —
विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकारी नौकरी की घोषणाओं के सतत क्रियान्वयन और कर्मचारियों के हितों में लिए जा रहे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्मिक समस्याओं को जानने के लिए मुख्यमंत्री के संवाद कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हैं और उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, शासन सचिव कार्मिक अर्चना सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।






