जयपुर में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- महेंद्रजीत सिंह मालवीय राजनीति में पद और सत्ता के भूखे हैं। उन्होंने कहा- अगर मालवीय रोज इस तरह से कूदा-फांदी करेंगे तो उनका नाम मिट जाएगा। उनके जाने से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। मैं भी चला जाऊं तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। यह व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं है। यह विचारधारा आधारित पार्टी है।
बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की सुनवाई स्थगित होने के बाद भी किरोड़ी मंगलवार को बीजेपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने लॉन में ही कुर्सी लगाकर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार किया।
किरोड़ी ने कहा- मुझे आपसे कोई ऐसी बात करनी हो तो मैं सबके बीच करूंगा या बंद कमरे में करूंगा। आप भी मुझे बंद कमरे में पूछोगे। ये तो चाहते हैं कि सब कुछ बता दो, यह नहीं हो सकता है। डोटासरा को क्या चाहिए? अमित शाह जयपुर में कितने लोगों को नियुक्ति पत्र देकर गए हैं। इनके किसी केंद्रीय मंत्री ने भी कभी ऐसा किया है क्या?
दरअसल डोटासरा ने कहा था कि अमित शाह जयपुर आए। बंद कमरे में मंत्रणा की। मंत्रियों को प्रताड़ना दी और बिना कुछ दिए यहां से चले गए।
बीजेपी देश का सबसे बड़ा संगठन हैं, उसमें आप आए और भाग गए। क्योंकि यहां उनको पद नहीं मिला और इतना जल्दी पद कैसे मिल सकता है। हमारी पार्टी की विचारधारा पद पाने के लिए नहीं है। जन सेवा करने के लिए है।
वहीं भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई स्थगित होने पर उन्होंने कहा- मुझे इसकी सूचना नहीं थी। इसलिए मैं यहां चला आया। यहां लोग मुझे अपनी समस्याएं बताने लगे तो मैं यहीं कुर्सी लगाकर बैठ गया।

हमारा मैनेजमेंट केंद्र व राज्य में बेहतर मनरेगा की जगह वीबी-जी राम-जी योजना में राज्य को 40 प्रतिशत फंड देने के सवाल पर मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- जिस तरह से गृहिणी पूरे बजट को मैनेज करती है और उसकी रसोई में कोई कमी नहीं रहती हैं।
उसी तरह से विकास के काम बंद नहीं होने वाले हैं। हमारा केंद्र और राज्य में बेहतर मैनेजमेंट है।
नई योजना में अब 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा। किसानों को फसल कटाई के समय 60 दिन का ब्रेक भी मिलेगा। इससे मजदूरों को भी फायदा होगा। कांग्रेस को तो केवल राजनीति करनी है।
कांग्रेस का एक उदाहरण देना चाहूंगा। मंडरायल की ग्राम पंचायत नानपुर में मनरेगा के तहत 28 करोड़ के काम सेक्शन हुए। केवल पौने 2 करोड़ के काम करवाए और सवा 26 करोड़ रुपए जेब में रख लिए। कांग्रेस तो यह चाहती है, इसलिए ऐसा ही कानून बनाती है।






