मकर सक्रांति को लेकर पाली का बाजार रंग–बिरंगी पतंगों, तिल के व्यंजनों से सजा गया है।
इस बार मार्केट में 5 से लेकर 500 रुपए तक की पतंगें नजर आ रही है।
युवाओं में ऑपरेशन सिंदूर, सिद्धू मूसेवाला प्रिंट पतंग का तो बच्चों में कार्टून करेक्टर प्रिंट पतंगों का क्रेज है। तिल से भरे व्यंजनों के ठेले भी शहर में जगह-जगह खड़े नजर आए।
जहां शहरवासी मंगलवार को खरीदारी करते दिखे।
5 से लेकर 500 रुपए तक की पतंग रसूख भाई ने बताया कि कागज, प्लास्टिक से लेकर इस बार कपड़े वाली पतंग भी उपलब्ध है। कपड़े वाली पतंग आसानी से नहीं फटती। 5 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की पतंगें उपलब्ध है। इसके साथ छोटे बच्चों के लिए हथेली के आकार की छोटी पतंगें भी हैं। विभिन्न आकार और आकर्षक डिजाइनों वाली पतंगें लोगों को खूब लुभा रही हैं।
तिल की मिठाई की खरीदारी मकर संक्रांति के अवसर पर तिल से बने व्यंजनों की भी बाजार में खास रौनक है। तिल के लड्डू, गजक, रेवड़ी, तिलकुट के ठेलों और दुकानों पर मंगलवार को महिलाएं खरीदारी करती दिखी। विक्रेता राजेश ने बताया कि शक्कर-तिल से बने लड्डू 200 रुपए किलो, गुड़-तिल से बने लड्डू 150 रुपए किलो के भाव है।
इसके साथ ही तिलपट्टी 250 रुपए किलो, रेवड़ी 180 रुपए किलो के भाव चल रहे है। तिल के व्यंजन बेचने वाली फूलवंती देवी ने बताया कि फीकी तिलोट 300 रुपए किलो और मीठी तिलोट 250 रुपए किलो से बेच रहे हैं।
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पुलिस ने दी चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करने की सलाह
वहीं, त्योहार के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। पाली में मंगलवार को बस स्टैंड चौकी प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी और टीम ने बस स्टैंड की छत पर खड़े होकर चाइनीज मांझे का उपयोग 14 जनवरी मकर संक्रांति पर नहीं करने को हिदायत देते नजर आए। पुलिसकर्मी नागरिकों को बताया कि चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हो सकता है और इससे लोगों, पशु-पक्षियों को गंभीर चोट पहुंचने की आशंका रहती है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित सूती मांझे का ही इस्तेमाल करें और त्योहार को सुरक्षित व शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं।





