राजस्थान में आज भी मकर संक्राति का पर्व मनाया जा रहा है। जयपुर सहित कई जिलों में पतंगबाजी हो रही है। वहीं, बुधवार (14 जनवरी) को पतंगबाजी के कारण हुए हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई।
सबसे ज्यादा 3 मौत जयपुर में हुईं। अलग-अलग जिलों हुए हादसों में 140 से ज्यादा लोग घायल भी हुए। सबसे अधिक हादसे बैन किए चाइनीज मांझे के कारण हुए।
जयपुर में मुख्यत: मकर संक्रांति फेस्टिवल बुधवार को ही मनाया गया। दिनभर पतंगबाजी के बाद शाम को आतिशबाजी भी हुई।
बच्चों की सांस नली कटी, हॉस्पिटल में मौत
जयपुर में बुधवार को 6 साल के बच्चे का चाइनीज मांझे से गला कट गया। मुंबई का रहने वाला धीर फेस्टिवल के लिए परिवार के साथ जयपुर आया था। डॉक्टर ने बताया कि ज्यादा ब्लड बहने के कारण धीर ने दम तोड़ दिया।
वहीं, कोटा में एक 5 साल के बच्चे का चाइनीज मांझे के कारण गला कट गया। गुरुवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी सांस नली कट गई थी।
पतंग लूटने के कारण भी गई जान
बुधवार को घड़साना (श्रीगंगानगर) के गांव 2 एसटीआर में पतंग लूटने के दौरान 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 8 साल का नवीन छत से पानी की डिग्गी में गिर गया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
जयपुर के मालवीय नगर में 26 साल का युवक पतंग लूटने के प्रयास में छत से गिर गया। उसकी एसएमएस हॉस्पिटल में मौत हो गई।
जयपुर खो-नागोरियान में एक 7 साल का बच्चे पतंग लूटने के प्रयास में नाली में गिर गया। हॉस्पिटल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।

बुधवार को जमकर हुई आतिशबाजी
बुधवार को मकर संक्रांति पर जयपुर में दिनभर पतंगबाजी के बाद शाम होते ही जबरदस्त आतिशबाजी हुई। जयपुर में आतिशबाजी एक नया ट्रेंड बन गया है, जो दीपावली त्योहार के बाद साल में दूसरी सबसे ज्यादा आतिशबाजी वाला दिन होता है।
जयपुर में मकर संक्रांति पर आतिशबाजी और लालटेन शॉ को देखने के लिए अब ट्यूरिस्ट भी आने लगे हैं। ट्यूरिज्म डिपार्टमेंट की तरफ से इसे अलग अंदाज में मनाया जाता है। चारदीवारी में हवामहल, जलमहल समेत कई जगह विशेष आतिशबाजी हुई, जबकि पूरे परकोटे में हर घर की छतों से रंगीन आतिशबाजी की गई।

पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा घायल
राजधानी जयपुर में इस बार मकर संक्रांति पर घायलों की संख्या ज्यादा रही। पिछले साल जयपुर के एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में 13 से 15 जनवरी के बीच 49 मरीज पहुंचे थे। जबकि दूसरे सरकारी हॉस्पिटलों में ऐसे घायल मरीजों की संख्या लगभग 80 के आसपास थी। यानी पिछले साल करीब 130 लोग घायल हुए थे,
लेकिन इस बार एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में 14 जनवरी के ही दिन 42 से ज्यादा घायल पहुंचे। इसके अलावा जयपुरिया हॉस्पिटल, गणगौरी हॉस्पिटल, कांवटिया में 110 से ज्यादा घायल पहुंचे हैं।






