भीलवाड़ा में पतंगबाजी के विवाद में व्यक्ति की मौत के बाद तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। SP धर्मेन्द्र सिंह ने शास्त्रीनगर पुलिस चौकी प्रभारी ASI सत्यकाम सिंह, कॉन्स्टेबल विनोद और कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को निलंबित किया है। आरोप है कि विवाद के बाद पत्थर बाजी में घायल व्यक्ति को हॉस्पिटल नहीं ले जाया गया।
मामला कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती का है।
पतंग की डोर को लेकर शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, मकर सक्रांति को अख्तर अली (58) और पड़ोसी भोलू राम रैगर के बच्चों में पतंग लूटने को लेकर विवाद हो गया था। बच्चों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि अख्तर और भोलू राम का परिवार भी इसमें शामिल हो गया।
भोलूराम रैगर और अख्तर अली की पत्नी से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ते-बढ़ते दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया।

पथराव में गंभीर घायल हुआ अख्तर
पथराव के दौरान पत्थर लगने से अख्तर अली गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की बजाय उसके तीन दोहितों को पकड़कर अपने साथ ले गई।
घायल को अस्पताल नहीं ले गई पुलिस
अख्तर की पत्नी ने आरोप लगाया- पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई कि किसी एक दोहिते को छोड़ दें और उसके पति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। पुलिसकर्मी घायल अख्तर को छोड़कर तीनों दोहितों को थाने ले गए।
एम्बुलेंस आने तक नहीं मिली मदद
पुलिस के जाने के बाद बाद में एंबुलेंस मौके पर पहुंची। परिजन अख्तर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
एसपी ने माना लापरवाही, की सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मेंद्र सिंह ने जांच करवाई। जांच में तीनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसपी ने बताया कि मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।






